एनसीआर में आधुनिक परिवहन को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है। गुरुग्राम से नोएडा को जोड़ने वाले आरआरटीएस कॉरिडोर को मंजूरी मिल गई है। करीब 15000 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह प्रोजेक्ट लाखों यात्रियों के लिए बड़ी राहत लेकर आएगा। इस कॉरिडोर के शुरू होने के बाद लंबी दूरी का सफर तेज और आसान हो जाएगा, जिससे रोजाना आने-जाने वालों को काफी फायदा मिलेगा।
40 मिनट में पूरा होगा सफर
इस प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी खासियत यह है कि गुरुग्राम से नोएडा का सफर अब महज 38 से 40 मिनट में पूरा किया जा सकेगा। अभी इस दूरी को तय करने में काफी समय लगता है और लोगों को भारी ट्रैफिक का सामना करना पड़ता है। नया कॉरिडोर इस समस्या को काफी हद तक कम कर देगा और समय की बचत करेगा।
फरीदाबाद पहुंचना होगा आसान
इस कॉरिडोर से फरीदाबाद तक की यात्रा भी तेज हो जाएगी। जहां अभी गुरुग्राम से फरीदाबाद पहुंचने में एक घंटे से ज्यादा समय लगता है, वहीं अब यह दूरी सिर्फ 20 मिनट में पूरी हो सकेगी। इससे तीनों बड़े शहरों के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होगी और लोगों का आवागमन आसान बनेगा।
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नमो भारत ट्रेनें देंगी रफ्तार
इस कॉरिडोर पर नमो भारत ट्रेन चलाई जाएंगी, जो करीब 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेंगी। हर 5 से 7 मिनट के अंतराल पर ट्रेन मिलने से यात्रियों को इंतजार नहीं करना पड़ेगा। इससे सड़क पर वाहनों का दबाव भी कम होगा और जाम की समस्या में राहत मिलेगी।
64 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर
गुरुग्राम-फरीदाबाद-नोएडा आरआरटीएस कॉरिडोर की कुल लंबाई करीब 64 किलोमीटर होगी। इसमें से लगभग 52 किलोमीटर हिस्सा हरियाणा में आएगा। पूरे रूट पर 18 आधुनिक स्टेशन बनाए जाएंगे, जिनमें यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। ये स्टेशन आधुनिक तकनीक से लैस होंगे, जिससे सफर और भी आरामदायक बनेगा।
विकास को मिलेगी नई रफ्तार
यह प्रोजेक्ट सिर्फ यात्रा को आसान बनाने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे क्षेत्र के विकास को भी गति देगा। बेहतर कनेक्टिविटी से व्यापार, रोजगार और रियल एस्टेट सेक्टर में तेजी आने की उम्मीद है। एनसीआर के शहरों के बीच दूरी कम होने से आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी और लोगों को नए अवसर मिलेंगे।