Hariyali Teej Remedies for Married Life: हरियाली तीज का पर्व सुहागिन महिलाओं के लिए बेहद खास माना जाता है। इस दिन महिलाएं भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना कर पति की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और सुखी दांपत्य जीवन की कामना करती हैं। धार्मिक मान्यताओं में हरियाली तीज को पति-पत्नी के रिश्ते में प्रेम और आपसी समझ बढ़ाने वाला पर्व भी माना गया है। कई बार छोटी-छोटी बातों को लेकर रिश्ते में तनाव या गलतफहमियां पैदा हो जाती हैं। अगर आपके वैवाहिक जीवन में भी किसी वजह से मनमुटाव चल रहा है, तो हरियाली तीज पर शिव-पार्वती की पूजा के साथ कुछ विशेष उपाय किए जा सकते हैं। मान्यता है कि इन उपायों से दांपत्य जीवन में सकारात्मकता आती है और रिश्ते में बढ़ रही दूरियों को कम करने की कामना की जाती है। आइए जानते हैं हरियाली तीज पर किए जाने वाले इन खास उपायों के बारे में।
पति-पत्नी के रिश्ते के लिए कपूर और लौंग का उपाय
धार्मिक मान्यता के अनुसार, हरियाली तीज की शाम भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करने के बाद कपूर और लौंग से जुड़ा उपाय किया जा सकता है। इसके लिए सबसे पहले भीमसेनी कपूर का एक टुकड़ा लें और उसे शिवलिंग या भगवान शिव की प्रतिमा के सामने रख दें। इसके बाद सात साबुत लौंग लें। लौंग टूटी हुई न हो, इसका ध्यान रखें। सातों लौंग को अपने दाहिने हाथ में लेकर भगवान शिव और माता पार्वती का ध्यान करें। इस दौरान अपने वैवाहिक जीवन में प्रेम, शांति, विश्वास और आपसी समझ बनाए रखने की प्रार्थना करें।
शिव मंत्र का करें जाप
लौंग को हाथ में लेकर मनोकामना करने के बाद'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का जाप करें। धार्मिक परंपरा के अनुसार 11 माला मंत्र जाप करने की बात कही गई है। जाप पूरा होने के बाद सातों लौंग को कपूर के ऊपर रखकर उसे जला दें।
परिवार की सुख-शांति के लिए करें प्रार्थना
मान्यता है कि कपूर और लौंग जलाने के बाद उससे निकलने वाले धुएं को घर के विभिन्न हिस्सों तक ले जाने से नकारात्मकता दूर करने की कामना की जाती है। जब कपूर पूरी तरह जल जाए तो पूजा की प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए भगवान शिव और माता पार्वती से परिवार में सुख, शांति और आपसी प्रेम बनाए रखने की प्रार्थना करें। अंत में पांच बार 'ॐ नमः शिवाय' का जाप करें।
हरियाली तीज का धार्मिक महत्व
सावन में आने वाले प्रमुख त्योहारों में हरियाली तीज का अपना खास स्थान है। यह पर्व भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित माना जाता है। धार्मिक कथाओं के अनुसार, माता पार्वती ने भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए लंबे समय तक कठोर तप किया था। इसी वजह से तीज के पर्व को शिव-पार्वती के प्रेम और दांपत्य सुख से जोड़कर देखा जाता है। हरियाली तीज के दिन सुहागिन महिलाएं पति की लंबी उम्र और परिवार की खुशहाली की कामना के साथ व्रत रखती हैं और विधि-विधान से शिव-पार्वती की पूजा करती हैं। वहीं, अविवाहित लड़कियां भी अच्छे जीवनसाथी और विवाह में आने वाली परेशानियां दूर होने की इच्छा से यह व्रत रखती हैं। उत्तर भारत के कई राज्यों में हरियाली तीज को लेकर खास उत्साह देखने को मिलता है। इस दिन महिलाएं सोलह श्रृंगार करती हैं, झूले झूलती हैं और मिलकर तीज के गीत भी गाती हैं।