Broken Tempered Glass: स्मार्टफोन की महंगी डिस्प्ले को सुरक्षित रखने के लिए हम सभी टेम्पर्ड ग्लास का इस्तेमाल करते हैं। फोन गिरने पर यह खुद टूटकर स्क्रीन को बचा लेता है। अक्सर थोड़ा बहुत चटकने के बाद भी इसे महीनों तक नहीं बदलते, लेकिन यह लापरवाही आपकी असली डिस्प्ले को खराब कर सकती है। तो आइए विस्तार से जानते हैं कि टूटा हुआ टेम्पर्ड ग्लास इस्तेमाल करने से क्या नुकसान होता है।
सुरक्षा हो जाती है खत्म
आपको बता दें कि टेम्पर्ड ग्लास का काम फोन की स्क्रीन को बाहरी झटकों और स्क्रैच से बचाना है। गिरने या किसी चीज से टकराने पर सबसे पहले टेम्पर्ड ग्लास टूटता है, जिससे कई बार ओरिजनल डिस्प्ले सुरक्षित रहती है। लेकिन एक बार दरार आने के बाद ग्लास की मजबूती खत्म हो जाती है। दोबारा फोन गिरने पर सारा झटका सीधे ओरिजिनल डिस्प्ले पर लगता है।
स्क्रीन पर पड़ सकता है दबाव
टूटे हुए हिस्से पर उंगलियों का दबाव असमान रूप से पड़ता है, जिससे अंदर की स्क्रीन डैमेज हो सकती है। इसके अलावा, टूटा हुआ Glass फोन की स्क्रीन पर सही तरीके से सेफ्टी नहीं दे पाता है। यानी अगली बार फोन गिरने पर जिस हिस्से में पहले से दरार है, वहां डिस्प्ले को ज्यादा नुकसान होता है।
असली स्क्रीन पर स्क्रैच
टूटे ग्लास के बारीक कण अलग होकर जेब या बैग में रखे-रखे फोन की असली स्क्रीन पर ही गहरे खरोंच डाल देते हैं।
टच काम करना बंद कर सकता है
दरारों और उसमें घुसने वाली धूल की वजह से टच रिस्पॉन्स धीमा हो जाता है या टाइपिंग में दिक्कत आने लगती है। स्क्रीन पर टाइप करते समय कुछ हिस्सों में टच सही तरीके से काम न करने या गलत टच दर्ज होने जैसी परेशानी महसूस हो सकती है।