High Blood Pressure: आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी और बिगड़ते लाइफस्टाइल ने साइलेंट किलर 'ब्लड प्रेशर'को घर-घर की बीमारी बना दिया है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि अगर आपका ब्लड प्रेशर 200 mmHg के पार चला जाए, तो यह केवल बीमारी नहीं, बल्कि मौत का सीधा बुलावा हो सकता है? डॉक्टर्स के भाषा में इसे 'हाइपरटेंसिव क्राइसिस' का नाम दिया गया है, जिसमें शरीर के अंगों के फेल होने का खतरा बढ़ जाता है।
क्या होता है जब BP 200 के पार जाता है?
जब ब्लड प्रेशर की रीडिंग 180/120 mmHg से ऊपर चली जाती है, तो शरीर की धमनियां इस दबाव को झेलने में असमर्थ होने लगती हैं। 200 के आंकड़े को पार करना सीधे तौर पर इन खतरों को निमंत्रण देता है।
200 के पार होने से बढ़ता है खतरा
इसकी वजह से दिमाग की नस फटने या ब्लॉक होने से व्यक्ति को लकवा मार सकता है। अत्यधिक दबाव के कारण दिल की धड़कनें रुक सकती हैं या कार्डिएक अरेस्ट आ सकता है। हाई बीपी का सीधा असर किडनी और आंखों की रोशनी पर पड़ता है। किडनी अचानक काम करना बंद कर सकती है। फेफड़ों में पानी भर सकता है, जिससे सांस लेने में भारी तकलीफ होती है।
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इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
- असहनीय सिरदर्द और चक्कर आना।
- सीने में तेज दर्द या भारीपन महसूस होना।
- धुंधला दिखाई देना या आंखों के सामने अंधेरा छाना।
- अचानक सांस फूलना और घबराहट होना।
- नाक से खून आना।
खुद से न ले दवा
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि 200 बीपी की स्थिति एक मेडिकल इमरजेंसी है। ऐसे में घर पर इलाज करने की गलती न करें। जब ब्लड प्रेशर 200 पार कर जाए, तो मरीज को तुरंत अस्पताल ले जाना चाहिए। घर पर खुद से कोई भी दवा देना खतरनाक हो सकता है।
बचाव के तरीके
बीपी के मरीजों को नमक का सीमित मात्रा में सेवन करना चाहिए। 40 की उम्र के बाद हफ्ते में कम से कम एक बार बीपी जरूर चेक करें। इसके साथ ही योग और प्राणायाम को जीवन का हिस्सा बनाएं। कई लोग बीपी ठीक महसूस होने पर दवा बंद कर देते हैं, जो जानलेवा साबित हो सकता है।