पश्चिम एशिया में जारी तनाव और ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी के बीच भारत के लिए राहत देने वाली खबर सामने आई है। होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित तरीके से दो बड़े जहाज गुजर चुके हैं और अब भारत की ओर बढ़ रहे हैं। इन जहाजों में बड़ी मात्रा में रसोई गैस भरी हुई है। ऐसे समय में जब वैश्विक हालात को लेकर चिंता बनी हुई है, यह खबर सप्लाई को लेकर बड़ी राहत मानी जा रही है।
दो जहाजों में भारी मात्रा में गैस
सरकारी जानकारी के मुताबिक दोनों जहाजों में कुल 66,392 मीट्रिक टन एलपीजी भरी हुई है। यह मात्रा देश की गैस जरूरतों के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हाल के दिनों में होर्मुज क्षेत्र को लेकर बढ़ती चिंता के बीच यह सवाल उठ रहे थे कि कहीं गैस और तेल सप्लाई पर असर न पड़े। ऐसे में जहाजों का सुरक्षित निकलना बड़ी खबर बन गया है।
कतर से गैस लेकर आ रहा सिमी
मार्शल आइलैंड्स के झंडे वाला एलपीजी कैरियर सिमी होर्मुज पार कर चुका है। बताया गया है कि यह जहाज कतर के रास लफान टर्मिनल से रवाना हुआ था। जहाज में करीब 20 हजार टन लिक्विड प्रोपेन और ब्यूटेन लदा हुआ है। इसके गुजरात के कांडला स्थित दीनदयाल बंदरगाह पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है। इस जहाज पर कुल 21 चालक दल सदस्य मौजूद हैं।
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एनवी सनशाइन भी पहुंच रहा भारत
एक और जहाज एनवी सनशाइन भी सुरक्षित तरीके से होर्मुज पार कर भारत की तरफ बढ़ चुका है। यह जहाज वियतनाम के झंडे वाला बताया जा रहा है। इसके न्यू मंगलुरु पोर्ट पहुंचने की उम्मीद है। दोनों जहाजों के सुरक्षित गुजरने से यह संकेत भी मिला है कि भारत अपनी ऊर्जा आपूर्ति को लेकर लगातार सक्रिय बना हुआ है।
ऊर्जा सुरक्षा पर बढ़ी नजर
पश्चिम एशिया में जारी हालात के बीच भारत ऊर्जा सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरत रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में गिना जाता है। यहां किसी भी तनाव का असर सीधे तेल और गैस बाजार पर पड़ सकता है। ऐसे में भारत लगातार आपूर्ति व्यवस्था पर नजर बनाए हुए है।
महंगाई के बीच बड़ी राहत
देश में पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की बढ़ी कीमतों के बीच यह खबर आम लोगों के लिए राहत की तरह देखी जा रही है। ऊर्जा क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि सप्लाई सामान्य रहने से आगे चलकर दबाव कम करने में मदद मिल सकती है। फिलहाल सभी की नजर अंतरराष्ट्रीय हालात और आने वाले दिनों की स्थिति पर बनी हुई है