टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाला मुकाबला अब बेहद करीब है, लेकिन उससे पहले पर्दे के पीछे बड़ी हलचल देखने को मिली है। अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के बीच इस मुद्दे को सुलझाने के लिए कई दौर की बातचीत हुई। पाकिस्तान की ओर से आईसीसी के सामने कुछ बड़ी मांगें रखी गईं, लेकिन सूत्रों के मुताबिक आईसीसी ने इनमें से ज्यादातर मांगों को खारिज कर दिया है। इससे यह साफ हो गया है कि यह विवाद सिर्फ क्रिकेट तक सीमित नहीं है।
पाकिस्तान में हुई अहम बैठक
हाल ही में आईसीसी का एक प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान पहुंचा था। इस बैठक की अगुवाई Pakistan Cricket Board के चेयरमैन मोहसिन नकवी कर रहे थे। इसी बैठक में पीसीबी ने आईसीसी के सामने चार अहम मांगें रखीं। बताया जा रहा है कि आईसीसी ने इन मांगों पर विस्तार से चर्चा की, लेकिन ज्यादातर मांगों को अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर बताते हुए मानने से इनकार कर दिया।
पहली मांग, द्विपक्षीय सीरीज की बहाली
पाकिस्तान की पहली और सबसे बड़ी मांग भारत के साथ द्विपक्षीय क्रिकेट सीरीज को दोबारा शुरू करने की थी। पीसीबी ने सुझाव दिया कि भारत-पाक सीरीज न्यूट्रल वेन्यू पर कराई जा सकती है। गौरतलब है कि भारत और पाकिस्तान के बीच 2012 के बाद से कोई द्विपक्षीय सीरीज नहीं खेली गई है। हालांकि, इस मुद्दे पर आईसीसी ने साफ कहा कि यह फैसला बोर्ड स्तर पर होता है और इसमें उसकी कोई भूमिका नहीं है।
दूसरी और तीसरी मांग पर भी झटका
पाकिस्तान की दूसरी मांग थी कि आईसीसी के राजस्व में उसकी हिस्सेदारी बढ़ाकर ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बराबर की जाए। फिलहाल आईसीसी राजस्व में पीसीबी की हिस्सेदारी करीब 5.75 प्रतिशत बताई जाती है। तीसरी मांग भारत की नो-हैंडशेक नीति से जुड़ी थी। पीसीबी चाहता था कि Board of Control for Cricket in India पाकिस्तान के साथ हाथ न मिलाने की नीति को खत्म करे। आईसीसी ने इन दोनों मांगों को भी खारिज कर दिया।
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बांग्लादेश को लेकर चौथी मांग
पाकिस्तान की चौथी मांग बांग्लादेश के समर्थन में थी। पीसीबी ने कहा कि बांग्लादेश को टी20 वर्ल्ड कप 2026 से बाहर किए जाने के बावजूद पूरा मुआवजा दिया जाए। याद दिला दें कि सुरक्षा आश्वासन मिलने के बाद भी बांग्लादेश ने भारत यात्रा से इनकार कर दिया था, जिसके बाद उसे टूर्नामेंट से बाहर कर स्कॉटलैंड को शामिल किया गया। इस मांग को लेकर भी आईसीसी सहमत नहीं दिखी।
आईसीसी ने क्या माना और आगे क्या?
सूत्रों के अनुसार, आईसीसी ने चार में से केवल एक मांग पर आंशिक सहमति जताई, जबकि बाकी तीन को पूरी तरह खारिज कर दिया। International Cricket Council का साफ कहना है कि उसके लिए टूर्नामेंट की स्थिरता और नियम सबसे ऊपर हैं। अब सबकी नजर इस बात पर है कि इन झटकों के बाद पाकिस्तान भारत के खिलाफ मैच खेलने पर क्या अंतिम फैसला लेता है। आने वाले दिन तय करेंगे कि क्रिकेट की सबसे बड़ी टक्कर मैदान पर होगी या विवादों में ही उलझी रहेगी।