आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में 590 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी सामने आने के बाद हलचल तेज हो गई है। इस मामले पर भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने साफ कहा है कि केंद्रीय बैंक पूरे घटनाक्रम पर नजर रखे हुए है। उन्होंने कहा कि इसमें कोई जटिल या सिस्टम से जुड़ी बड़ी समस्या नहीं दिख रही है। गवर्नर ने भरोसा दिलाया कि बैंकों की पूंजी स्थिति मजबूत है और पूंजी पर्याप्तता 17% है, जबकि न्यूनतम आवश्यकता 11.5% की है।
शेयर बाजार में भारी गिरावट
इस खुलासे के बाद बैंक के शेयरों में जोरदार गिरावट देखने को मिली। 23 फरवरी को शेयर में इंट्राडे आधार पर करीब 20% की गिरावट दर्ज की गई और यह 70.39 रुपये प्रति शेयर के आसपास कारोबार करता दिखा। दिन के दौरान यह 66.80 रुपये तक भी फिसल गया। इस गिरावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी और बाजार में बेचैनी का माहौल बना।
सीईओ ने दिया भरोसा
आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी वी. वैद्यनाथन ने कहा कि बैंक इस मामले को पूरी पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ संभाल रहा है। उनका कहना है कि बैंक अपनी तकनीक, उत्पादों और ग्राहक सेवा को लेकर प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी कहा कि ग्राहकों का भरोसा बैंक की सबसे बड़ी ताकत है और उसे बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है।
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सरकार और एलआईसी को नुकसान
शेयर में आई भारी गिरावट का असर बड़े निवेशकों पर भी पड़ा है। भारत सरकार बैंक की प्रमुख हिस्सेदारों में शामिल है और उसके पास 7.75% हिस्सेदारी है। शेयर के निचले स्तर पर पहुंचने से सरकार को हजारों करोड़ रुपये का नुकसान आंका गया है। भारतीय जीवन बीमा निगम को भी सैकड़ों करोड़ रुपये का अनुमानित घाटा हुआ है। इससे निवेशकों के बीच चिंता और बढ़ गई है।
बैंक का ग्राहक आधार कितना बड़ा
31 दिसंबर 2025 तक आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के करीब 3.5 करोड़ ग्राहक थे। बैंक का कुल ग्राहक कारोबार 5,62,090 करोड़ रुपये रहा। इसमें 2,82,662 करोड़ रुपये की जमा राशि और 2,79,428 करोड़ रुपये के लोन शामिल हैं। बैंक ने बताया कि जमा में सालाना 24.3% और लोन में 20.9% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
ग्राहकों के लिए क्या मायने
आरबीआई और बैंक प्रबंधन दोनों ने भरोसा दिलाया है कि ग्राहकों को घबराने की जरूरत नहीं है। पूंजी की स्थिति मजबूत बताई गई है और बैंक सामान्य तरीके से काम कर रहा है। फिलहाल जांच जारी है और आगे की कार्रवाई नियमों के मुताबिक की जाएगी। ग्राहकों की नजर अब इस बात पर है कि जांच में क्या निष्कर्ष निकलते हैं।