CM Soren strong message: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन इन दिनों राज्य में चल रहे ‘सरकार आपके द्वार’ अभियान को लेकर लगातार जिलों का दौरा कर रहे हैं। 21 से 28 नवंबर तक चलने वाले इस विशेष अभियान का उद्देश्य गांव-गांव जाकर लोगों की समस्याओं को मौके पर ही सुलझाना और योजनाओं का लाभ सीधे लाभार्थियों तक पहुंचाना है। सीएम सोरेन ने कहा कि अब कई सेवाओं व कार्यों के लिए समय सीमा निर्धारित है, जिसे पूरा करना संबंधित विभाग और पदाधिकारियों की जिम्मेदारी है। उन्होंने साफ चेतावनी दी कि जो अधिकारी समय पर काम नहीं करेंगे, उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई तय है। सीएम ने बताया कि यह अभियान सिर्फ शिविर लगाने तक सीमित नहीं, बल्कि सरकारी सेवाओं की समयबद्ध डिलीवरी सुनिश्चित करने का एक बड़ा कदम है।
ग्रामीणों को जागरूक बनाना जरूरी
सीएम सोरेन ने कहा कि लोगों को यह जानकारी होनी चाहिए कि सरकारी कार्य कितने समय में पूरा होना चाहिए और प्रशासन की जिम्मेदारियां क्या हैं। उन्होंने बताया कि ज्यादातर लोग प्रमाणपत्र या योजनाओं का लाभ लेने के लिए महीनों चक्कर लगाते रहते हैं, जबकि कई सेवाओं की समय सीमा तय है, जिसकी जानकारी आम जनता तक नहीं पहुंच पाती। इस अभियान का दूसरा बड़ा उद्देश्य यही है कि ग्रामीणों में जागरूकता बढ़े और उन्हें पता चले कि वे सरकार से किस काम की उम्मीद कब तक कर सकते हैं।
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राज्य को सशक्त बनाने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड को ‘सोने की चिड़िया’ कहा जाता है, लेकिन यह तभी संभव होगा जब राज्य के साढ़े तीन करोड़ लोगों के चेहरे पर मुस्कान हो। इसमें विधायकों और जनप्रतिनिधियों की भूमिका बेहद अहम है, क्योंकि जनता उन्हें उम्मीद के साथ चुनकर भेजती है। उन्होंने कहा कि यह छोटा सा प्रयास आने वाले समय में बड़े बदलाव की नींव साबित होगा। सरकार चाहती है कि हर लाभार्थी को योजनाओं का फायदा शिविर में ही मिले और लोगों को अनावश्यक परेशानी न उठानी पड़े। ‘सरकार आपके द्वार’ अभियान के दौरान गांव स्तर पर लगाए जा रहे शिविरों की समीक्षा खुद मुख्यमंत्री कर रहे हैं।