अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष यानी IMF ने हाल ही में पाकिस्तान को 1.2 अरब डॉलर का नया कर्ज मंजूर किया है। इसके साथ ही पाकिस्तान एक बार फिर IMF के बड़े कर्जदार देशों में शामिल हो गया है। इस समय पाकिस्तान पर कुल 7.41 अरब डॉलर का IMF कर्ज है। आर्थिक संकट, विदेशी मुद्रा की कमी और बढ़ती महंगाई के बीच पाकिस्तान को बार-बार IMF के दरवाजे पर जाना पड़ रहा है। हालांकि इस सूची में पाकिस्तान से ऊपर दो ऐसे देश हैं, जिन पर IMF का कर्ज उससे भी ज्यादा है।
सबसे बड़े कर्जदार कौन
IMF का सबसे बड़ा कर्जदार देश अर्जेंटीना है, जो लंबे समय से आर्थिक अस्थिरता से जूझ रहा है। अर्जेंटीना पर करीब 41.78 अरब डॉलर का IMF कर्ज है। दूसरे नंबर पर यूक्रेन है, जिस पर 10.2 अरब डॉलर का कर्ज है। रूस के साथ जारी युद्ध ने यूक्रेन की अर्थव्यवस्था पर गहरा असर डाला है। इन दोनों के बाद पाकिस्तान का नाम आता है। इसके बाद इक्वाडोर पर 7.2 अरब डॉलर और मिस्र पर 6.2 अरब डॉलर का IMF कर्ज दर्ज है।
ये भी पढ़ें : बेटी के नाम बिना जोखिम मोटी कमाई, सुकन्या समृद्धि योजना से सिर्फ ब्याज में मिल सकते हैं 50 लाख रुपये
पड़ोसी और विकासशील देश
IMF के कर्जदार देशों की सूची में कई विकासशील और पड़ोसी देश भी शामिल हैं। बांग्लादेश पर IMF का 2.88 अरब डॉलर का कर्ज है। इसके अलावा अफ्रीकी देशों में आइवरी कोस्ट पर 3.62 अरब डॉलर, केन्या पर 2.94 अरब डॉलर, घाना पर 2.85 अरब डॉलर और अंगोला पर 2.52 अरब डॉलर का कर्ज है। टॉप-10 के बाहर भी कई देश भारी कर्ज में हैं। डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो पर 2.22 अरब डॉलर, कोस्टारिका पर 1.79 अरब डॉलर और श्रीलंका पर 1.77 अरब डॉलर का IMF कर्ज है। श्रीलंका कुछ समय पहले गंभीर आर्थिक संकट से गुजर चुका है।
IMF लोन कैसे और क्यों
IMF के कुल 191 सदस्य देश हैं और इसकी स्थापना 1944 में हुई थी। अब तक IMF अपने सदस्य देशों को करीब 1 ट्रिलियन डॉलर का कर्ज दे चुका है। IMF जरूरतमंद देशों को वित्तीय मदद देता है, लेकिन इसके साथ सख्त शर्तें भी लगाता है ताकि सरकारी खर्च पर नियंत्रण रहे। लोन लेने के लिए देश पहले आवेदन करता है, फिर IMF उसकी आर्थिक स्थिति की समीक्षा करता है। शर्तें मानने के बाद ही कर्ज दिया जाता है। पाकिस्तान कई बार IMF से लोन ले चुका है, जबकि भारत ने 1993 के बाद से IMF से कोई कर्ज नहीं लिया है।