Meta CSAM Content: केंद्र सरकार की सख्ती के बाद Meta ने CSAM यानी Child Sexual Abuse Material कंटेट पर कार्रवाई की है। सरकारी सूत्रों की मानें तो मेटा ने बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी सामग्री पर कार्रवाई की है। सरकारी अधिकारियों का कहना है कि, ऐसी गैरकानूनी सामग्री के मामले में सोशल मीडिया कंपनियों को 'सेफ हार्बर' की सुरक्षा नहीं मिल सकती। हालांकि किसी कंपनी ने कानून का उल्लंघन किया है या नहीं इसका आखिरी फैसला कोर्ट करेगा।
गैरकानूनी कंटेंट पर कर रहे कार्रवाई
सरकार ने यह भी कहा है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बार-बार सामने आने वाले गैरकानूनी कंटेंट पर कार्रवाई कर रहे हैं। साथ ही IT Act की धारा 69A के तहत सरकार की कार्रवाई नियमों के मुताबिक और सीमित मामलों में ही की जा रही है।
CSAM को लेकर सरकार के नियम सख्त
सरकार बाल शोषण सामग्री के मामले में काफी सख्त है। सरकार ने ये स्पष्ट किया है कि कानून का उल्लंघन होने पर सेफ हार्बर नहीं मिलेगा। इसपर मेटा कंपनी का कहना है कि, उसके एल्गोरिदम और प्रणालियां किस तरह काम करती हैं, इन सभी मामलों में फैसला लेने की प्रक्रिया पर चर्चा चल रही है।
ऑस्ट्रेलिया समेत अन्य देशों ने जताई चिंता
सोशल मीडिया के जरिए होने वाले गलत काम या नुकसान को लेकर केवल भारत ही नहीं बल्कि अन्य देशों ने भी चिंता जताई है। ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन जैसे देशों ने इससे निपटने की अपील की है।
एआई से तैयार कंटेट पर लेबल लगाना आवश्यक
बता दें कि, एआई लेबलिंग को लेकर कानून स्पष्ट है कि एआई से तैयार कंटेट पर लेबल लगाना आवश्यक है और इसका हर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को ध्यान भी रखना होगा।