भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने पाकिस्तान को साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि ऑपरेशन सिंदूर अभी खत्म नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि अगर सीमा पार से किसी भी तरह की हरकत होती है तो भारतीय सेना माकूल और सटीक जवाब देगी। सेना हर स्थिति के लिए तैयार है और किसी भी खतरे को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। नॉर्दन फ्रंट पर हालात फिलहाल स्थिर हैं, लेकिन लगातार निगरानी बेहद जरूरी है।
जम्मू कश्मीर की स्थिति संवेदनशील लेकिन नियंत्रण में
सेना प्रमुख ने देशवासियों को भरोसा दिलाया कि जम्मू कश्मीर में हालात संवेदनशील जरूर हैं, लेकिन पूरी तरह से नियंत्रण में हैं। भारतीय सेना हर मोर्चे पर सजग और मजबूत है। उन्होंने बताया कि सेना में लगातार बदलाव और मजबूती का काम चल रहा है। नई ब्रिगेड, नई बटालियन और आधुनिक यूनिट्स बनाई गई हैं, ताकि किसी भी चुनौती से बेहतर तरीके से निपटा जा सके।
आईबी और एलओसी के पास अब भी 8 आतंकी कैंप सक्रिय
जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि अंतरराष्ट्रीय सीमा और एलओसी के दूसरी तरफ अभी भी करीब 8 आतंकी कैंप सक्रिय हैं। इनमें से 2 कैंप आईबी के पास और 6 कैंप एलओसी के पास मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि इन सभी गतिविधियों पर भारतीय सेना की कड़ी नजर है। डीजीएमओ स्तर की बातचीत में किसी भी तरह के न्यूक्लियर मुद्दे पर कोई चर्चा नहीं हुई है।
ये भी पढ़ें : India-America Trade Deal पर सस्पेंस, उम्मीद भरे बयान के बीच क्यों थमी बातचीत, बड़ा सवाल खड़ा
2025 में 31 आतंकियों का खात्मा
सेना प्रमुख ने बताया कि साल 2025 में अब तक 31 आतंकवादियों को ढेर किया गया है। इनमें से करीब 65 फीसदी आतंकवादी पाकिस्तान से जुड़े हुए थे। ऑपरेशन महादेव में पहलगाम हमले के 3 आतंकियों को भी मार गिराया गया। उन्होंने कहा कि अब जम्मू कश्मीर में सक्रिय स्थानीय आतंकियों की संख्या सिंगल डिजिट में आ गई है, जो सुरक्षा बलों की बड़ी कामयाबी है।
ड्रोन और आधुनिक तकनीक पर तेज हुआ काम
ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारतीय सेना ने ड्रोन और आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल को और तेज किया है। सेना प्रमुख ने बताया कि पहले भी ड्रोन का इस्तेमाल हो रहा था, लेकिन अब इसकी रणनीति और कार्रवाई दोनों को ज्यादा मजबूत किया गया है। पहली बार कोर कमांडर को इमरजेंसी खरीद की ताकत दी गई है, ताकि जरूरत के वक्त फैसले तेजी से लिए जा सकें।
आतंक से पर्यटन की ओर बढ़ता जम्मू कश्मीर
सेना प्रमुख ने कहा कि जम्मू कश्मीर में अब सकारात्मक बदलाव साफ दिख रहे हैं। विकास कार्य तेज हुए हैं, पर्यटन फिर से रफ्तार पकड़ रहा है और श्री अमरनाथ यात्रा शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई, जिसमें 4 लाख से ज्यादा श्रद्धालु शामिल हुए। उन्होंने कहा कि आतंक से पर्यटन की ओर बढ़ने की प्रक्रिया धीरे-धीरे मजबूत हो रही है। भारतीय सेना इस बदलाव की सुरक्षा कवच बनी हुई है।