भारत पहुंचे अमेरिकी राजदूत के बयान से यह संकेत जरूर मिला था कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को लेकर नई शुरुआत होने जा रही है। कहा गया था कि मंगलवार से दोनों देशों के बीच बातचीत शुरू होगी। लेकिन अब सामने आई ताजा जानकारी ने इस उम्मीद पर फिलहाल ब्रेक लगा दिया है। अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि इस हफ्ते भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर कोई औपचारिक वार्ता तय नहीं है।
भारत सरकार ने क्या साफ किया
सूत्रों के मुताबिक भारत के वाणिज्य मंत्रालय को अमेरिका की तरफ से अब तक बातचीत शुरू करने का कोई औपचारिक संदेश नहीं मिला है। अधिकारियों का कहना है कि भारत की ओर से हाल में जो प्रस्ताव दिए गए हैं, उन पर पहले अमेरिका के अंदर ही समीक्षा की जाएगी। जब तक वहां से कोई स्पष्ट जवाब नहीं आता, तब तक आगे बढ़ने का सवाल ही नहीं उठता। इसी वजह से इस महीने किसी भी स्तर पर बातचीत की संभावना कम मानी जा रही है।
इस महीने क्यों नहीं होगी ट्रेड डील पर चर्चा
भारतीय अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि न केवल इस हफ्ते बल्कि निकट भविष्य में भी कोई बैठक तय नहीं है। यानी फिलहाल भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। दोनों देश बातचीत के पक्ष में जरूर हैं, लेकिन समय और शर्तों को लेकर सहमति नहीं बन पाई है। यही वजह है कि बातचीत आगे नहीं बढ़ सकी।
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अमेरिका की नई चेतावनी से बढ़ी मुश्किल
इसी बीच अमेरिका की ओर से एक नई चेतावनी भी सामने आई है। संकेत दिए गए हैं कि जो देश ईरान के साथ व्यापार करेंगे, उन पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाया जा सकता है। इस चेतावनी ने हालात और जटिल बना दिए हैं। जहां अमेरिकी राजदूत संवाद जारी रहने की बात कर रहे हैं, वहीं अमेरिका के वाणिज्य मंत्री ने किसी भी समझौते को जल्द मंजूरी मिलने पर संदेह जताया है।
भारत पर अभी कितना टैरिफ लग रहा
वर्तमान स्थिति में अमेरिका भारत से आने वाले सामान पर कुल 50 प्रतिशत टैरिफ लगा रहा है। इसमें 25 प्रतिशत बेस टैरिफ शामिल है। इसके अलावा रूस से सस्ते तेल की खरीद को लेकर भारत पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ जुर्माने के तौर पर लगाया गया है। यही मुद्दा दोनों देशों के रिश्तों में एक बड़ी अड़चन बना हुआ है।
आगे क्या निकल सकता है रास्ता
भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से व्यापारिक बातचीत चल रही है, लेकिन खेती और किसानों को संरक्षण देने जैसे मुद्दों पर भारत सतर्क रुख अपनाए हुए है। भारत अपने बाजार पूरी तरह खोलने को तैयार नहीं है। इसी वजह से अब तक कोई ठोस नतीजा नहीं निकल पाया। फिलहाल ट्रेड डील को लेकर सस्पेंस बना हुआ है, लेकिन दोनों पक्षों के बीच बातचीत की उम्मीद पूरी तरह खत्म नहीं हुई है।