
India-ASEAN partnership: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मलेशिया में आयोजित आसियान-भारत शिखर सम्मेलन को वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि भारत और आसियान मिलकर विश्व की लगभग एक चौथाई आबादी का प्रतिनिधित्व करते हैं और दोनों सिर्फ भौगोलिक रूप से नहीं, बल्कि ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सामाजिक मूल्यों की डोर से भी गहराई से जुड़े हैं। पीएम मोदी ने आसियान की सफल अध्यक्षता के लिए मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम को बधाई दी और कहा कि आसियान भारत की "एक्ट ईस्ट पॉलिसी" का प्रमुख स्तंभ है। उन्होंने दोहराया कि भारत हमेशा से आसियान की केंद्रीय भूमिका और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में उसके आउटलुक का समर्थन करता आया है।
साझेदारी बनेगी वैश्विक स्थिरता की नींव
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अनिश्चितताओं और चुनौतियों से भरे इस दौर में भारत-आसियान व्यापक रणनीतिक साझेदारी ने निरंतर प्रगति की है। उन्होंने कहा कि यह मजबूत साझेदारी अब वैश्विक स्थिरता और विकास की सशक्त नींव बनकर उभर रही है। इस वर्ष के आसियान सम्मेलन की थीम "इन्क्लूसिविटी एंड सस्टेनिबिलिटी" है, जो भारत और आसियान के साझा लक्ष्यों को प्रतिबिंबित करती है। पीएम मोदी ने बताया कि डिजिटल इन्क्लूजन, खाद्य सुरक्षा और सप्लाई चेन की मजबूती जैसे क्षेत्रों में भारत और आसियान मिलकर काम कर रहे हैं।
भारत की प्रतिबद्धता और क्षेत्रीय सहयोग
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत इन प्राथमिकताओं का पूर्ण समर्थन करता है और सहयोग को और गहरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। वहीं, विदेश मंत्री एस. जयशंकर 27 अक्टूबर को कुआलालंपुर में 20वें पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। यह सम्मेलन भारत, चीन, अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया और रूस जैसे देशों की भागीदारी के कारण विशेष महत्व रखता है। पीएम मोदी ने कहा कि आसियान और भारत मिलकर एशिया और विश्व में शांति, स्थिरता और समृद्धि के नए युग की शुरुआत करेंगे।