India Bangladesh Railway Deal : भारत ने बांग्लादेश रेलवे के आधुनिकीकरण की दिशा में 18 ब्रॉड गेज यात्री कोचों की पहली खेप भेज दी है। पंजाब के कपूरथला स्थित रेल कोच फैक्ट्री में तैयार किए गए ये कोच बांग्लादेश रेलवे के लिए 200 कोचों के बड़े समझौते का हिस्सा हैं। इस करार की कुल कीमत 915 करोड़ रुपये है और दिसंबर 2027 तक सभी कोचों की आपूर्ति पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है। खास बात यह है कि इन कोचों को बांग्लादेश की रेलवे व्यवस्था और वहां की जरूरतों के अनुसार तैयार किया गया है। दोनों देशों के बीच राजनीतिक संबंधों में उतार-चढ़ाव के बीच यह रेल आपूर्ति आर्थिक और तकनीकी सहयोग का अहम उदाहरण है।
2027 तक आएंगे सभी कोच
बांग्लादेश रेलवे ने वर्ष 2024 में भारतीय सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी RITES के माध्यम से 200 ब्रॉड गेज यात्री कोचों का ऑर्डर दिया था। इस परियोजना के तहत पहली खेप 12 अक्टूबर को हुसैनपुर रेलवे स्टेशन से बांग्लादेश के दर्शना रेलवे स्टेशन के लिए रवाना की गई थी। इसमें शामिल 18 कोचों की आपूर्ति से पूरे कार्यक्रम की शुरुआत हो गई है। शेष 182 कोचों को निर्धारित समयसीमा के भीतर भेजा जाना है। इस परियोजना का वित्तपोषण यूरोपीय निवेश बैंक कर रहा है। इसका उद्देश्य बांग्लादेश रेलवे के पुराने यात्री कोचों को बदलना और यात्रियों की सुविधाओं में सुधार करना है।
चार तरह के कोच शामिल
पहली खेप में चार प्रकार के यात्री कोच भेजे गए हैं। इनमें 11 नॉन-एसी शोवन चेयर कार, तीन एसी चेयर कार, दो एसी स्लीपर कोच और दो एसी पावर कार शामिल हैं। पावर कारों में गार्ड के लिए अलग कमरा और सामान रखने की जगह बनाई गई है। इस तरह पहली खेप में सामान्य बैठने से लेकर वातानुकूलित यात्रा और बिजली आपूर्ति से जुड़ी जरूरतों को ध्यान में रखा गया है। पूरे समझौते में सात अलग-अलग प्रकार के कोच शामिल हैं, जिन्हें बांग्लादेश रेलवे के परिचालन के अनुरूप तैयार किया जा रहा है।
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यात्रियों को मिलेंगी खास सुविधाएं
इन कोचों में यात्रियों के आराम और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कई सुविधाएं दी गई हैं। इनमें CCTV कैमरे, अलार्म सिस्टम, आंशिक रूप से खुलने वाली खिड़कियां और बच्चों के लिए निर्धारित जगह जैसी व्यवस्थाएं शामिल हैं। कुछ कोचों में प्रार्थना के लिए अलग कमरा भी उपलब्ध कराया गया है। बैठने के लिए रिक्लाइनिंग कुर्सियां लगाई गई हैं, जिनमें स्टेनलेस स्टील के आर्मरेस्ट और फुटरेस्ट दिए गए हैं। इन सुविधाओं का मकसद लंबी दूरी की यात्रा को ज्यादा आरामदायक बनाना है। कोचों की डिजाइन में बांग्लादेश की परिचालन संबंधी जरूरतों को भी शामिल किया गया है।
बांग्लादेश के हिसाब से तकनीक
इन कोचों की सबसे महत्वपूर्ण विशेषताओं में उनका इलेक्ट्रिकल सिस्टम है, जिसे बांग्लादेश रेलवे की जरूरतों के अनुरूप बनाया गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इनका पावर सिस्टम 425 वोल्ट के हिसाब से तैयार किया गया है, जबकि भारतीय रेलवे के संबंधित कोच 750 वोल्ट की व्यवस्था पर काम करते हैं। यह अंतर बताता है कि निर्यात के लिए तैयार किए जाने वाले रेल कोचों में संबंधित देश की तकनीकी आवश्यकताओं के अनुसार बदलाव किए जाते हैं। इससे पहले भारत 2015-16 में बांग्लादेश को 120 LHB ब्रॉड गेज यात्री कोचों की आपूर्ति कर चुका है। RITES इससे पहले भी कई देशों को रेल कोच और लोकोमोटिव उपलब्ध करा चुकी है।