भारत और बांग्लादेश के बीच बढ़ते राजनीतिक तनाव का असर अब खेल जगत पर भी दिखने लगा है। दिसंबर 2025 में होने वाली महिला क्रिकेट सीरीज जिसमें 3 वनडे और 3 टी20 शामिल थे अब लगभग तय है कि आगे बढ़ जाएगी। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार दो देशों की सरकारों के बीच चल रहे कूटनीतिक तनाव के कारण यह दौरा़ फिलहाल संभव नहीं दिख रहा। यह वही दौरा है जो ICC के फ्यूचर टूर प्रोग्राम का हिस्सा था और भारत की महिला टीम के लिए वर्ल्ड कप 2025 जीतने के बाद पहला विदेशी चैलेंज होने वाला था।
बीसीसीआई के सामने नई चुनौती
दिसंबर के अचानक खाली होने के बाद बीसीसीआई अब घरेलू विकल्पों पर विचार कर रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, बोर्ड तीसरे सप्ताह में एक छोटी घरेलू सीरीज आयोजित करने की योजना बना सकता है। चुनौती यह है कि जनवरी की शुरुआत में ही महिला IPL होना है और उसके तुरंत बाद ऑस्ट्रेलिया दौरा भी तय है। समय बहुत सीमित होने के कारण बीसीसीआई के पास ज्यादा विकल्प नहीं हैं, लेकिन टीम को लंबे अंतराल के बाद मैच प्रैक्टिस देना भी ज़रूरी है।
पुरुष टीम का दौरा भी पहले स्थगित हुआ था
यह पहली बार नहीं है जब भारत–बांग्लादेश क्रिकेट पर कूटनीतिक परिस्थितियों का असर पड़ा है। अगस्त में होने वाली पुरुष टीम की सीरीज भी इसी तरह टाल दी गई थी। तब दोनों बोर्डों ने इसे केवल शेड्यूलिंग मुद्दा बताया था, हालांकि रिपोर्टों में साफ लिखा गया था कि राजनीतिक मतभेद ही कारण थे। आधिकारिक बयान में कहा गया था कि दोनों बोर्डों ने अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं को देखते हुए यह फैसला लिया है। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने यह भी कहा था कि भारत 2026 में यह रद्द हुई सीरीज खेलेगा।
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कूटनीतिक तनाव बढ़ा, खेल संबंधों पर असर
बीते कुछ महीनों में भारत–बांग्लादेश के रिश्तों में काफी तनाव बढ़ा है। बांग्लादेश में राजनीतिक उथल-पुथल, ढाका द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की वापसी की मांग, भारत द्वारा लगाए गए व्यापार प्रतिबंध, चीन की बढ़ती भूमिका और नदी जल विवाद ने हालात और बिगाड़े हैं। इस तनाव ने सोमवार को और तूल पकड़ा जब बांग्लादेश में एक ट्रिब्यूनल ने शेख हसीना को मौत की सजा सुना दी—जिससे दोनों देशों के रिश्तों में नई खाई पैदा हो गई। नतीजा यह है कि अब द्विपक्षीय क्रिकेट भी प्रभावित हो रहा है और आने वाले समय में भारत-बांग्लादेश क्रिकेट संबंध कैसे आगे बढ़ेंगे, यह कहना मुश्किल है।