भारत की मीनाक्षी हुड्डा ने विश्व मुक्केबाजी कप के फाइनल में 48 किलोग्राम वर्ग का स्वर्ण पदक जीत लिया। उन्होंने उज्बेकिस्तान की फोजिलोवा फरजोना को शुरुआत से ही दबाव में रखा और पूरे मुकाबले में बढ़त बनाए रखी। बेहतरीन तकनीक और आक्रामक खेल की बदौलत मीनाक्षी ने 5-0 के सर्वसम्मत निर्णय से शानदार जीत दर्ज की। जीत के बाद उन्होंने कहा कि भारत में आयोजित टूर्नामेंट का हिस्सा बनना उनके लिए बेहद खास था और उन्होंने हर बाउट में देश के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश की।
बाउट 5-0 से जीतना आसान नहीं- मीनाक्षी
मीनाक्षी ने बताया कि सभी बाउट 5-0 से जीतना आसान नहीं था, क्योंकि एक बार वर्ल्ड चैंपियन बनने के बाद सबका ध्यान उनके खेल पर होता है। उन्होंने समर्थकों का धन्यवाद करते हुए कहा कि देश के लिए एक और स्वर्ण पदक जीतकर वे गर्व महसूस कर रही हैं। हरियाणा के रुड़की गांव में जन्मी मीनाक्षी ने 12 साल की उम्र में बॉक्सिंग शुरू की थी। 2019 में यूथ नेशनल्स में गोल्ड, 2021 में सीनियर नेशनल्स में सिल्वर और 2022 एशियन चैंपियनशिप में रजत जीतने के बाद उनका शानदार प्रदर्शन जारी रहा। इसी प्रतिभा की वजह से उन्हें ITBP में नौकरी भी मिली।
प्रीति पवार का भी शानदार प्रदर्शन
मीनाक्षी के अलावा भारत की प्रीति पवार ने भी शानदार प्रदर्शन किया और 54 किलोग्राम वर्ग में इटली की सिरीन चाराबी को 5-0 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। चोटों और खराब फॉर्म से जूझने के बाद प्रीति ने इस जीत के साथ शानदार वापसी की है। उन्होंने कहा कि अब उनका आत्मविश्वास वापस लौट आया है और वे भविष्य में और भी मजबूत प्रदर्शन देने के लिए तैयार हैं।
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2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक अगला लक्ष्य
प्रीति पवार ने आगे कहा कि उनका अगला बड़ा लक्ष्य 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक है, जिसके लिए वे पूरी मेहनत से तैयारी कर रही हैं। आने वाले वर्ष में एशियाई खेल और राष्ट्रमंडल खेल भी हैं, जहां वे देश के लिए पदक जीतने का संकल्प रखती हैं। मीनाक्षी और प्रीति की ये दोहरी जीत भारतीय बॉक्सिंग के लिए बड़ा संकेत है कि आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारतीय खिलाड़ियों का दबदबा और मजबूत होगा।