कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय मुक्केबाजी टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए एक ही दिन में पांच पदक पक्के कर लिए। महिला और पुरुष दोनों वर्गों के भारतीय मुक्केबाजों ने अपने-अपने क्वार्टर फाइनल मुकाबले जीतकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। कॉमनवेल्थ गेम्स के नियमों के अनुसार सेमीफाइनल में पहुंचने वाला हर खिलाड़ी कम से कम कांस्य पदक का हकदार होता है।
साक्षी चौधरी ने दिलाई पहली सफलता
दिन की शुरुआत महिला 51 किलोग्राम वर्ग से हुई, जहां साक्षी चौधरी ने नॉर्दर्न आयरलैंड की प्रतिद्वंद्वी को 5-0 से हराकर शानदार जीत दर्ज की। एकतरफा मुकाबले में मिली इस जीत के साथ उन्होंने सेमीफाइनल में जगह बनाई और भारत का पहला पदक सुनिश्चित किया।
अरुणधति चौधरी ने बढ़ाया जीत का सिलसिला
इसके बाद महिला 70 किलोग्राम वर्ग में अरुणधति चौधरी ने न्यूजीलैंड की मॉर्गन हेंडरसन को 3-1 से हराया। दमदार प्रदर्शन के दम पर उन्होंने भी अंतिम चार में प्रवेश किया और भारत के लिए दूसरा पदक पक्का कर दिया।
पुरुष मुक्केबाजों ने भी दिखाई ताकत
महिलाओं के बाद पुरुष वर्ग में भी भारतीय खिलाड़ियों का दबदबा देखने को मिला। 60 किलोग्राम वर्ग में सचिन सिवाच ने बोत्सवाना के ट्रेजर मोरेमी को 5-0 से हराकर आसानी से सेमीफाइनल का टिकट हासिल किया। वहीं 80 किलोग्राम वर्ग में अंकुश यादव ने एंटीगा और बारबुडा के युवा मुक्केबाज को 5-0 से मात देकर भारत के लिए चौथा पदक सुनिश्चित किया।
हैवीवेट में नरेंद्र की संघर्षपूर्ण जीत
90 किलोग्राम से अधिक भार वर्ग में नरेंद्र का मुकाबला समोआ के माइकल सेको से हुआ। यह दिन का सबसे रोमांचक मुकाबला साबित हुआ। कड़ी टक्कर के बाद नरेंद्र ने 3-2 के स्प्लिट फैसले से जीत दर्ज की और सेमीफाइनल में पहुंचकर भारत का पांचवां पदक पक्का कर दिया।
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स्वर्ण की उम्मीदें हुईं मजबूत
भारतीय मुक्केबाजों के लगातार शानदार प्रदर्शन से पदकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद और मजबूत हो गई है। अब इन पांचों खिलाड़ियों की नजर सेमीफाइनल जीतकर फाइनल में पहुंचने और देश के लिए स्वर्ण पदक जीतने पर होगी। बॉक्सिंग के साथ-साथ वेटलिफ्टिंग में भी भारत का दमदार प्रदर्शन जारी है, जिससे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय दल का अभियान लगातार मजबूत होता दिखाई दे रहा है।