India BRICS Trade : वैश्विक व्यापार में बढ़ती अनिश्चितता और अमेरिका की टैरिफ नीतियों के बीच भारत ने BRICS मंच से साफ संकेत दिया है कि सदस्य देशों के बीच आर्थिक सहयोग को और मजबूत किया जाएगा। नई दिल्ली में आयोजित BRICS बिजनेस फोरम में भारत ने व्यापार बढ़ाने, बाजार खोलने और नियमों को आसान बनाने पर जोर दिया। इस दौरान केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बदलती वैश्विक परिस्थितियों में BRICS की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
BRICS की ताकत पर भारत का भरोसा
पीयूष गोयल ने कहा कि BRICS देश दुनिया की लगभग आधी आबादी का प्रतिनिधित्व करते हैं और वैश्विक GDP में उनकी हिस्सेदारी करीब 40 प्रतिशत है। वैश्विक व्यापार में भी BRICS का योगदान लगभग एक चौथाई है। उन्होंने कहा कि भारत इंजीनियरिंग उत्पादों, इलेक्ट्रॉनिक्स और दवाओं के क्षेत्र में मजबूत स्थिति रखता है और BRICS देशों के लिए भरोसेमंद व्यापारिक साझेदार बन सकता है।
बाजार खोलने की अपील
भारत ने सदस्य और साझेदार देशों से अपने बाजारों तक पहुंच आसान बनाने की अपील की। पीयूष गोयल ने कहा कि सिर्फ टैरिफ कम करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि व्यापार से जुड़े नियमों और प्रक्रियाओं को भी सरल बनाना होगा। उन्होंने कंसाइनमेंट मंजूरी की प्रक्रिया तेज करने और व्यापारिक बाधाओं को कम करने की जरूरत बताई, ताकि कारोबारियों को दूसरे देशों में सामान भेजने में आसानी हो।
ये भी पढ़ें : QR स्कैन की झंझट खत्म, UPI का Tap & Pay कैसे करेगा पेमेंट?
सप्लाई चेन मजबूत करने पर जोर
भारत ने BRICS देशों के बीच मजबूत और विविध सप्लाई चेन विकसित करने की आवश्यकता पर भी बल दिया। गोयल ने कहा कि कच्चे माल, जरूरी खनिजों और अन्य उत्पादों की निर्बाध उपलब्धता के लिए व्यापारिक सहयोग बढ़ाना जरूरी है। उनका मानना है कि सदस्य देशों के बीच दोतरफा व्यापार बढ़ने से आर्थिक स्थिरता और विकास को नई गति मिलेगी।
BRICS के 20 साल और नई चुनौतियां
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि BRICS के संस्थागत सहयोग के 20 वर्ष पूरे होना एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। उन्होंने बताया कि पिछले दो दशकों में संगठन की सदस्यता, कार्यक्षेत्र और सहयोग के तरीके लगातार विकसित हुए हैं। जयशंकर ने कहा कि दुनिया इस समय भू-राजनीतिक तनाव, महामारी और जलवायु संबंधी चुनौतियों से गुजर रही है, ऐसे में BRICS देशों के बीच सहयोग पहले से ज्यादा जरूरी हो गया है।
डिजिटल अवसरों पर नजर
जयशंकर ने कहा कि चुनौतियों के साथ-साथ डिजिटल तकनीक और नवाचार नए अवसर भी पैदा कर रहे हैं। तेजी से बढ़ता डिजिटलीकरण आर्थिक विकास और उत्पादकता को नई दिशा दे सकता है। भारत का मानना है कि BRICS देशों के बीच व्यापार, तकनीक और निवेश सहयोग को मजबूत कर वैश्विक आर्थिक चुनौतियों का बेहतर मुकाबला किया जा सकता है। इसी संदेश के साथ भारत ने BRICS मंच से साझा विकास और मजबूत व्यापारिक साझेदारी का रोडमैप पेश किया।