गुवाहाटी टेस्ट भारत के लिए इतिहास की सबसे बड़ी टेस्ट हार लेकर आया, जहां साउथ अफ्रीका ने टीम इंडिया को 408 रनों से हराया। यह भारत की रन के आधार पर अब तक की सबसे बड़ी हार है। साउथ अफ्रीका ने इस जीत के साथ 2-0 से सीरीज क्लीन स्वीप की और 25 साल बाद फिर भारत में टेस्ट सीरीज अपने नाम की। टेम्बा बावुमा ने बतौर कप्तान अपने पहले 12 मैचों में 11 जीत दर्ज कर नया रिकॉर्ड बनाया। अफ्रीका की टीम ने लगातार तीसरी एशियाई टेस्ट सीरीज में शानदार प्रदर्शन किया है। वहीं भारत की बल्लेबाजी बेहद निराशाजनक रही, पूरी सीरीज में टीम औसतन सिर्फ 15.23 की बल्लेबाजी औसत से खेली जो भारत के इतिहास का दूसरा सबसे खराब प्रदर्शन है।
मारको यानसन और साइमन हार्मर का दबदबा
मैच के हीरो मारको यानसन ने जीत को टीम का सामूहिक प्रयास बताया। उन्होंने कहा कि भारत में जीतना बेहद खास है और साथ ही स्वीकार किया कि पहले टेस्ट में वे नर्वस थे, लेकिन टीम के साथियों ने आत्मविश्वास बढ़ाया। दूसरी ओर ऑफ-स्पिनर साइमन हार्मर भारत की सबसे बड़ी चुनौती साबित हुए। उन्होंने सिर्फ 4 मैचों में 27 विकेट झटके और 15 के औसत से भारतीय बल्लेबाजों को बार-बार ध्वस्त किया। गुवाहाटी टेस्ट की दोनों पारियों में उन्होंने अकेले दम पर भारतीय बल्लेबाजी लाइन-अप को झकझोर दिया। हार्मर की वजह से भारतीय बल्लेबाज पूरे मैच में टिक ही नहीं पाए और नतीजा हार के रूप में सामने आया।
पंत ने मानी टीम की कमी
हार के बाद भारतीय कप्तान ऋषभ पंत बेहद निराश नजर आए। उन्होंने कहा कि टीम को सामूहिक रूप से बेहतर खेलने की जरूरत है और साउथ अफ्रीका को जीत का पूरा श्रेय दिया। पंत ने यह भी स्वीकार किया कि टीम बिना योजना के खेलती दिखी और कई अहम मौकों पर मैच पर पकड़ नहीं बना सकी। उनका कहना था कि टीम को हार से सीखकर स्पष्ट मानसिकता के साथ लौटना होगा। पंत ने माना कि विपक्ष ने बेहतर क्रिकेट खेला और भारत किसी भी सेशन को कैपिटलाइज नहीं कर पाया, जिसका नुकसान पूरे मैच और सीरीज में उठाना पड़ा।
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आंकड़ों में भारत की हार, तस्वीर और भी डरावनी
भारत ने 92 साल के इतिहास में ऐसा प्रदर्शन शायद ही पहले देखा हो। पिछले एक साल में भारत ने घर में न्यूजीलैंड से 0-3 और अब अफ्रीका से 0-2 से सीरीज गंवाई है। इससे पहले 2000 से 2023 तक भारत सिर्फ दो बार ही घर में टेस्ट सीरीज हारा था, लेकिन अब लगातार दो साल में दो हार मिल चुकी हैं। इस सीरीज में कोई भी भारतीय बल्लेबाज शतक नहीं लगा पाया जो पिछले 30 साल में केवल तीसरी बार हुआ है। भारत की दूसरी पारी 140 और पहली पारी 201 पर खत्म हो गई। यह हार सिर्फ एक मैच नहीं, बल्कि टीम इंडिया के टेस्ट ढांचे की गिरती स्थिति का संकेत है। वहीं अफ्रीका के लिए यह जीत दुनिया को दिखाती है कि उन्होंने एशियाई परिस्थितियों में भी खुद को कितना मजबूत बना लिया है।