मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच केंद्र सरकार ने कमर्शियल एलपीजी को लेकर बड़ा फैसला लिया है। अब इसका आवंटन बढ़ाकर 70% कर दिया गया है, जिससे कई अहम सेक्टर को राहत मिलने की उम्मीद है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के मुताबिक, यह कदम सप्लाई चेन को संतुलित रखने और उद्योगों को चालू रखने के लिए उठाया गया है।
इन सेक्टरों को मिलेगा सीधा लाभ
सरकार ने स्टील, ऑटोमोबाइल, केमिकल, डाई और प्लास्टिक जैसे उद्योगों को प्राथमिकता दी है। इसके साथ ही होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे और औद्योगिक कैंटीन को भी इस फैसले से फायदा मिलेगा। खास तौर पर प्रवासी मजदूरों के लिए छोटे सिलेंडर की व्यवस्था भी की गई है, जिससे रोजमर्रा की जरूरतें प्रभावित न हों।
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कैसे बढ़ाया गया एलोकेशन
सरकार ने शुरुआत में कमर्शियल सप्लाई सीमित कर दी थी, लेकिन हालात को देखते हुए धीरे-धीरे इसे बढ़ाया गया। पहले 20%, फिर 50% और अब 70% तक पहुंचाया गया है। 14 मार्च से अब तक करीब 30,000 टन कमर्शियल एलपीजी की सप्लाई की जा चुकी है। साथ ही घरेलू एलपीजी उत्पादन में लगभग 40% की बढ़ोतरी भी की गई है।
अफवाहों के बीच सरकार का भरोसा
सरकार ने साफ किया है कि देश में कच्चे तेल और गैस की कोई कमी नहीं है और अगले दो महीनों के लिए पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। एलपीजी, एलएनजी और पीएनजी की सप्लाई भी सामान्य बनी हुई है। बढ़ती वैश्विक कीमतों के बावजूद भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर रखे गए हैं, जिससे आम जनता पर अतिरिक्त बोझ न पड़े।