देश में साइबर क्राइम अब खतरनाक स्तर पर पहुंच चुका है। सरकार द्वारा लोकसभा में पेश आंकड़े बताते हैं कि 2024 में साइबर ठगों ने लोगों से 22,845 करोड़ रुपये ऐंठ लिए। यह रकम 2023 की तुलना में लगभग तीन गुना ज्यादा है। डिजिटल लेन-देन और ऑनलाइन गतिविधियों के बढ़ने के साथ साइबर गिरोह तेज़ी से सक्रिय हुए हैं, और आम जनता इनका सबसे बड़ा निशाना बन रही है।
हर साल बढ़ते मामलों ने बढ़ाई चिंता
लोकसभा में गृह राज्य मंत्री बंडी संजय कुमार ने बताया कि 2021 में जहां 4.52 लाख साइबर अपराध दर्ज हुए, वहीं 2022 में यह संख्या बढ़कर 10.29 लाख हो गई। यानी 127% की बढ़ोतरी। 2023 में यह आंकड़ा 15.96 लाख तक पहुंचा और 2024 में यह बढ़कर 22.68 लाख हो गया। हर साल लगातार बढ़ते मामले बताते हैं कि साइबर ठगी का नेटवर्क देशभर में जड़ें जमा चुका है।
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आम लोगों को अरबों का नुकसान
साइबर अपराध सिर्फ संख्या में नहीं, बल्कि पैसों के नुकसान में भी गंभीर हैं। 2022 में लोगों ने साइबर ठगी में 2290 करोड़, 2023 में 7465 करोड़, और 2024 में हैरान कर देने वाले 22,845 करोड़ रुपये गंवाए। यह दिखाता है कि ठग बड़े पैमाने पर बैंकिंग फ्रॉड, KYC अपडेट, निवेश, ई-कॉमर्स रिफंड और फर्जी लिंक के जरिए लोगों को जाल में फंसा रहे हैं।
समाधान और मॉनिटरिंग पर जोर
सरकार ने बताया कि नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर आने वाली शिकायतों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। कई मामले निपटाए गए, कई की जांच जारी है। सरकार और एजेंसियां साइबर ठगी रोकने के लिए तकनीक और मॉनिटरिंग बढ़ा रही हैं, लेकिन आंकड़े बताते हैं कि आम जनता को जागरूक हुए बिना इस अपराध पर रोक लगाना मुश्किल होगा।