पश्चिम बंगाल में चुनावी तस्वीर पूरी तरह बदलती नजर आई, जहां भारतीय जनता पार्टी ने जोरदार बढ़त बनाकर सत्ता की ओर कदम बढ़ा दिए। चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक दोपहर तक पार्टी 190 से ज्यादा सीटों पर आगे चल रही थी, जबकि तृणमूल कांग्रेस 100 के आंकड़े से नीचे सिमटती दिखी। इस बीच ममता बनर्जी ने कार्यकर्ताओं से आखिरी राउंड तक डटे रहने की अपील की और मतगणना पर सवाल भी उठाए। कूचबिहार में हिंसा की खबरों ने माहौल को और संवेदनशील बना दिया।
असम में बड़ा झटका, गोगोई की हार चर्चा में
असम में भी बड़ा उलटफेर देखने को मिला, जहां कांग्रेस के बड़े चेहरे गौरव गोगोई को जोरहाट सीट से हार का सामना करना पड़ा। बीजेपी उम्मीदवार हितेंद्र नाथ गोस्वामी ने करीब 23 हजार वोटों से जीत दर्ज की। यह नतीजा बताता है कि राज्य में बीजेपी की पकड़ लगातार मजबूत हो रही है और विपक्ष के बड़े चेहरे भी सुरक्षित नहीं हैं।
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केरल में बदला समीकरण, बीजेपी का उत्साह बढ़ा
केरल में भी इस बार सियासी समीकरण बदलते दिखे। बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने नेमोम सीट से बढ़त बनाते हुए कार्यकर्ताओं का धन्यवाद किया और इसे संगठन की मेहनत का परिणाम बताया। राज्य में लेफ्ट के कमजोर पड़ने की चर्चा ने चुनावी माहौल को और दिलचस्प बना दिया।
जश्न और सतर्कता साथ-साथ
बीजेपी की बढ़त के साथ ही देश के कई हिस्सों में जश्न का माहौल देखा गया। अयोध्या के हनुमानगढ़ी क्षेत्र में साधु-संतों ने खुशी जाहिर की। हालांकि पार्टी नेतृत्व ने अपने कार्यकर्ताओं को सख्त निर्देश भी दिए कि वे संयम बनाए रखें और विरोधी दलों के खिलाफ किसी भी तरह की उकसावे वाली गतिविधि से दूर रहें। यह संदेश साफ तौर पर संगठन की रणनीति को दिखाता है।
विपक्ष में बयानबाजी तेज, आरोप-प्रत्यारोप जारी
चुनावी रुझानों के बीच विपक्षी नेताओं के बयान भी तेजी से सामने आए। हुमायूं कबीर ने कहा कि जनता ने जवाब दे दिया है और यह बदलाव पहले से तय था। दूसरी तरफ ममता बनर्जी ने केंद्रीय बलों और मतगणना प्रक्रिया पर सवाल उठाए। इस पूरे घटनाक्रम ने साफ कर दिया कि चुनाव सिर्फ परिणाम तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके बाद की सियासत भी उतनी ही गर्म रहने वाली है।