टी20 वर्ल्ड कप 2026 अब अपने सबसे रोमांचक दौर में पहुंच चुका है। 4 मार्च से नॉकआउट मुकाबले शुरू होंगे। दूसरा सेमीफाइनल भारत और इंग्लैंड के बीच खेला जाएगा। इंग्लैंड अपनी ग्रुप में शीर्ष स्थान पर रहा, जबकि भारत ने सुपर-8 चरण दूसरे नंबर पर खत्म किया। दिलचस्प बात यह है कि दोनों टीमें लगातार तीसरी बार इस टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में भिड़ रही हैं।
वानखेड़े में होगा बड़ा मुकाबला
यह मुकाबला मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेला जाएगा। यही मैदान भारतीय क्रिकेट इतिहास की एक कड़वी याद से भी जुड़ा है। 1987 में इसी मैदान पर भारत को विश्व कप सेमीफाइनल में इंग्लैंड से हार मिली थी। अब करीब चार दशक बाद दोनों टीमें फिर आमने-सामने हैं और माहौल फिर से वैसा ही बनता दिख रहा है।
1987 की हार अब भी याद
5 नवंबर 1987 को भारत घरेलू मैदान पर इंग्लैंड से भिड़ा था। तब भारत पिछला विश्व चैंपियन था और फाइनल में पहुंचने की उम्मीदें काफी ऊंची थीं। इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए मजबूत स्कोर खड़ा किया। जवाब में भारतीय टीम लक्ष्य तक नहीं पहुंच सकी और सेमीफाइनल से बाहर हो गई। वह हार फैंस के लिए बड़ा झटका थी।
इतिहास बदलने का मौका
अब 2026 में वही मैदान है, लेकिन खेल का फॉर्मेट बदल चुका है। टी20 के इस छोटे और तेज खेल में हर गेंद अहम होती है। टीम इंडिया के पास अब पुरानी कसक को मिटाने का मौका है। अगर भारत यह मैच जीतता है तो न सिर्फ फाइनल में पहुंचेगा, बल्कि वानखेड़े की उस याद को भी बदल देगा।
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पिछली टी20 यादें भी खास
जब पिछली बार टी20 विश्व कप भारत में खेला गया था, तब भी वानखेड़े में एक बड़ा मुकाबला हुआ था। उस समय भारत को वेस्टइंडीज के खिलाफ हार झेलनी पड़ी थी। हालांकि इस बार टीम इंडिया ने वेस्टइंडीज को हराकर अपना पुराना हिसाब बराबर कर लिया है।
अब इंग्लैंड की बारी
टीम इंडिया का आत्मविश्वास इस समय ऊंचा है। खिलाड़ी शानदार फॉर्म में हैं और फैंस की उम्मीदें भी बड़ी हैं। सेमीफाइनल सिर्फ एक मैच नहीं, बल्कि इतिहास को नया मोड़ देने का मौका है। अब देखना यह है कि वानखेड़े की रात भारत के नाम होती है या इंग्लैंड एक बार फिर रास्ता रोकता है।