टी20 वर्ल्ड कप 2026 अब अपने अहम मोड़ पर पहुंच चुका है। पहले सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड और साउथ अफ्रीका आमने-सामने होंगे। यह मुकाबला 4 मार्च को कोलकाता के ईडन गार्डन्स में खेला जाएगा। वहीं दूसरा सेमीफाइनल 5 मार्च को मुंबई के वानखेड़े मैदान पर भारत और इंग्लैंड के बीच होगा। दोनों मैचों के लिए रिजर्व डे भी तय किया गया है।
फैंस की उम्मीद पूरी 20 ओवर की
हर क्रिकेट प्रेमी चाहता है कि दोनों सेमीफाइनल पूरे 20-20 ओवर के खेले जाएं, ताकि मुकाबले का असली रोमांच देखने को मिले। लेकिन अगर बारिश या खराब मौसम बीच में दखल दे दे तो नियम क्या कहते हैं, यह जानना भी जरूरी है। क्योंकि नॉकआउट मुकाबलों में एक छोटी सी रुकावट भी बड़ा असर डाल सकती है।
नतीजे के लिए कितने ओवर जरूरी
नियमों के मुताबिक सेमीफाइनल का आधिकारिक परिणाम निकालने के लिए दोनों टीमों को कम से कम 10-10 ओवर खेलना जरूरी है। अगर तय दिन पर 10 ओवर का खेल पूरा नहीं हो पाता तो मुकाबला रिजर्व डे पर शिफ्ट कर दिया जाएगा। वहां से खेल उसी स्थिति से दोबारा शुरू किया जा सकता है।
अगर रिजर्व डे पर भी खेल नहीं हुआ
सबसे बड़ा सवाल तब उठता है जब रिजर्व डे पर भी 10-10 ओवर का खेल नहीं हो पाए। ऐसी स्थिति में मैच रद्द माना जाएगा। तब विजेता का फैसला सुपर-8 चरण की स्थिति के आधार पर होगा। जो टीम अपने ग्रुप में शीर्ष पर रही होगी, वही सीधे फाइनल में पहुंच जाएगी।
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किसे मिलेगा फायदा, किसे नुकसान
अगर मुकाबला बिना परिणाम के खत्म होता है तो साउथ अफ्रीका और इंग्लैंड को सीधा लाभ मिलेगा। क्योंकि दोनों टीमें अपने-अपने सुपर-8 ग्रुप में पहले स्थान पर रहीं। वहीं भारत और न्यूजीलैंड के लिए यह स्थिति नुकसानदेह हो सकती है, क्योंकि वे अपने ग्रुप में शीर्ष पर नहीं थे।
अब नजरें मौसम और मैदान पर
ऐसे में सभी की निगाहें मौसम पर टिकी रहेंगी। हर टीम चाहेगी कि मैच पूरे ओवरों का हो, ताकि मैदान पर ही फैसला हो। फैंस भी उम्मीद कर रहे हैं कि बारिश दखल न दे और दोनों सेमीफाइनल रोमांच से भरपूर रहें। अब देखना यह है कि किस्मत और मौसम किसका साथ देते हैं।