साउथ अफ्रीका के खिलाफ वनडे सीरीज जीतने के बाद टीम इंडिया का आत्मविश्वास चरम पर था, लेकिन इसी बीच ICC ने एक सख्त निर्णय सुनाकर खुशी को चिंता में बदल दिया। रायपुर में खेले गए दूसरे वनडे में भारत को निर्धारित समय में ओवर पूरे न करने का दोषी पाया गया। मैच में 358 रनों का विशाल स्कोर बनाकर भी भारत को हार का सामना करना पड़ा था और अब स्लो ओवर रेट के कारण अतिरिक्त नुकसान उठाना पड़ गया। ICC ने नियमों के मुताबिक भारतीय खिलाड़ियों की मैच फीस का 10 प्रतिशत काटने का फैसला लिया, जिससे टीम के लिए यह दोहरी मार साबित हुई।
दो ओवर कम, ICC की सख्ती
मैच रेफरी रिची रिचर्डसन ने पुष्टि की कि निर्धारित समय और दी गई छूट के बावजूद भारत की गेंदबाजी दो ओवर पीछे रह गई थी। ICC आचार संहिता के अनुच्छेद 2.22 में स्पष्ट है कि हर ओवर की देरी पर पांच प्रतिशत मैच फीस काटी जाती है। इसी आधार पर भारत पर 10 प्रतिशत का जुर्माना लगाया गया। टीम के कप्तान केएल राहुल ने बिना किसी आपत्ति के आरोप को स्वीकार कर लिया, जिसके बाद अतिरिक्त सुनवाई की आवश्यकता नहीं पड़ी। इस घटना ने एक बार फिर टीम की ओवर रेट समस्या को सामने ला दिया है।
बार-बार दोहराई जा रही वही गलती
टीम इंडिया की धीमी ओवर गति हाल के दिनों में लगातार चिंता का कारण बनी है। रांची वनडे में भी भारत समय पर ओवर खत्म नहीं कर पाया था, जिसके चलते आखिरी ओवर में एक अतिरिक्त फील्डर को घेरे के अंदर लेना पड़ा था। ऐसे हालात रणनीति को प्रभावित करते हैं और विपक्षी टीम को फायदा पहुंचाते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यह समस्या टी20 मैचों में दोहराई गई तो इसका प्रभाव और भी गंभीर हो सकता है, क्योंकि इस फॉर्मेट में ओवर रेट नियम ज्यादा कठोर होते हैं और हर गलती का तुरंत असर खेल पर पड़ता है।
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टी20 सीरीज से पहले बढ़ी चुनौती
अब भारत और साउथ अफ्रीका के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज शुरू होने जा रही है, जिसकी शुरुआत कटक से होगी। पिछली सीरीज में भारत ने दक्षिण अफ्रीका को उसी के मैदान पर 3-1 से मात दी थी, इसलिए इस बार भी टीम से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है। हालांकि, टीम प्रबंधन के लिए सबसे बड़ी चुनौती स्लो ओवर रेट को नियंत्रित करना है, ताकि अगली सीरीज में अनावश्यक दबाव न बने। खिलाड़ियों को समय प्रबंधन पर खास ध्यान देना होगा, क्योंकि छोटी-सी चूक भी बड़े मुकाबलों में टीम के संतुलन को बिगाड़ सकती है।