India-Iran Contacts Increase: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच भारत और तेहरान के बीच कूटनीतिक संपर्क तेज हो गया है। पिछले 24 घंटों में दोनों देशों के शीर्ष राजनयिकों के बीच तीन बार बातचीत या मुलाकात हुई है। इसी क्रम में शुक्रवार को नई दिल्ली में आयोजित रायसीना संवाद के दौरान भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ईरान के उप विदेश मंत्री सईद खातिबजादेह से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच क्षेत्रीय हालात और आपसी संबंधों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है, हालांकि बातचीत का आधिकारिक विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया है।
फोन पर भी हुई बातचीत
इस मुलाकात से पहले गुरुवार को भारत के विदेश मंत्री ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से फोन पर बातचीत की थी। माना जा रहा है कि इस बातचीत में पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति और समुद्री सुरक्षा जैसे मुद्दों पर विचार किया गया। दोनों देशों के बीच हाल के दिनों में संवाद बढ़ने को क्षेत्रीय परिस्थितियों के संदर्भ में अहम माना जा रहा है।
राजनयिक संवेदना
गुरुवार को ही भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास पहुंचे थे। वहां ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता के सम्मान में आयोजित शोक सभा में उन्होंने भाग लिया और संवेदना रजिस्टर में हस्ताक्षर भी किए। इस दौरान दोनों देशों के राजनयिकों के बीच औपचारिक बातचीत भी हुई।
ईरान का कड़ा रुख
दिल्ली में मौजूद ईरान के उप विदेश मंत्री खातिबजादेह ने मीडिया से बातचीत में अमेरिकी नीतियों की आलोचना की। उन्होंने कहा कि किसी भी बाहरी ताकत को ईरान की राजनीतिक व्यवस्था में दखल देने का अधिकार नहीं है। उनके मुताबिक, किसी देश के नेतृत्व का फैसला केवल उस देश की जनता ही कर सकती है।
भारत का संतुलित रुख
खातिबजादेह ने हाल में हिंद महासागर में डूबे ईरानी युद्धपोत की घटना को दुखद बताया और कहा कि इसमें कई युवा नौसैनिकों की जान गई। वहीं भारत ने अमेरिका-ईरान तनाव पर संतुलित रुख अपनाया है। भारत ने पहले भी कहा है कि सैन्य संघर्ष किसी समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सकता और सभी पक्षों को बातचीत के रास्ते पर लौटना चाहिए।