न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे एकदिवसीय मुकाबले में मिली हार के बाद भारतीय टीम की रणनीति पर सवाल खड़े हो गए हैं। मैच के बाद ने साफ शब्दों में स्वीकार किया कि ऑलराउंडर नितीश कुमार रेड्डी को मौके दिए गए, लेकिन वह अधिकतर उन्हें भुना नहीं सके। यह बयान ऐसे समय आया है, जब टीम चयन और संतुलन को लेकर पहले से ही बहस चल रही है।
नितीश रेड्डी क्यों नहीं जीत पाए भरोसा
दूसरे एकदिवसीय मैच में नितीश कुमार रेड्डी को अंतिम ग्यारह में शामिल किया गया था, लेकिन न बल्लेबाजी में और न गेंदबाजी में वह असर छोड़ पाए। कोच ने माना कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जब मौका मिलता है, तो प्रदर्शन जरूरी होता है। टीम प्रबंधन लंबे समय से युवा खिलाड़ियों को तैयार करना चाहता है, लेकिन इस मैच में नितीश टीम की उम्मीदों पर खरे नहीं उतर सके।
रोहित शर्मा की लय पर उठे सवाल
कोच की टिप्पणी का दूसरा बड़ा हिस्सा कप्तान रोहित शर्मा को लेकर रहा। उन्होंने कहा कि घरेलू प्रतियोगिता में दो मैच खेलने के बावजूद रोहित अभी भी कम क्रिकेट खेल रहे हैं। कोच के मुताबिक, रोहित आमतौर पर लय में खेलने वाले बल्लेबाज हैं और जब विकेट चुनौतीपूर्ण होता है, तो उन्हें समय लगता है। यह उनके लिए एक अलग तरह की चुनौती बन रही है।
क्या जानबूझकर बदली बल्लेबाजी शैली
जब कोच से पूछा गया कि क्या रोहित ने विकेट को देखते हुए अपनी बल्लेबाजी शैली बदली, तो उन्होंने साफ कहा कि यह जानबूझकर लिया गया फैसला नहीं था। उन्होंने समझाया कि रोहित गेंद को टाइम करने वाले खिलाड़ी हैं और जब पिच आसान नहीं होती, तो उनकी लय प्रभावित होती है। ऐसे हालात में उन्हें खुद को ढालने में थोड़ा वक्त लगता है।
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केएल राहुल को लेकर नई सोच
कोच ने केएल राहुल की तारीफ करते हुए कहा कि जिस फॉर्म में वह हैं, उसे देखते हुए उन्हें पांचवें नंबर पर उतारना एक मजबूत विकल्प हो सकता है। राहुल ने शानदार शतक लगाया है और एकदिवसीय क्रिकेट में विकेटकीपिंग का अतिरिक्त दबाव भी संभाला है। कोच ने यह भी स्पष्ट किया कि टीम उन्हें बचा नहीं रही, बल्कि सही भूमिका देने पर विचार कर रही है।
टीम इंडिया की आगे की रणनीति
कोच ने बताया कि पिछले डेढ़ साल में टीम की रणनीति बल्लेबाजी क्रम को लंबा करने की रही है। इसी वजह से ऑलराउंडरों को ऊपर या मध्य क्रम में इस्तेमाल करने की सोच बनी है। पहले यह भूमिका वाशिंगटन सुंदर निभाते थे। अब हार के बाद टीम प्रबंधन के सामने बड़ा सवाल यह है कि संतुलन कैसे बनाया जाए। साफ है कि अगले मैचों में चयन और जिम्मेदारियों को लेकर कड़े फैसले देखने को मिल सकते हैं।