मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध का असर अब दुनिया भर की ऊर्जा सप्लाई पर दिखाई देने लगा है। तेल और गैस की सप्लाई प्रभावित होने से कई देशों में चिंता बढ़ गई है। भारत में भी एलपीजी को लेकर दबाव बढ़ने लगा था। कई जगह गैस की सप्लाई को लेकर लोगों में चिंता देखने को मिली। ऐसे हालात को देखते हुए सरकार ने तुरंत कदम उठाए और गैस की उपलब्धता बनाए रखने के लिए कई फैसले लिए।
घरेलू उत्पादन बढ़ाने का फैसला
एलपीजी संकट से निपटने के लिए देश में गैस उत्पादन बढ़ाने पर जोर दिया गया है। सरकारी कंपनियों को निर्देश दिया गया कि घरेलू स्तर पर एलपीजी उत्पादन बढ़ाया जाए। इसके बाद कई रिफाइनरियों ने उत्पादन में करीब 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है। इसका उद्देश्य यह है कि घरों में इस्तेमाल होने वाली गैस की सप्लाई में किसी तरह की कमी न आए और आम लोगों को परेशानी न हो।
दूसरे देशों से आने लगी नई खेप
सरकार ने संकट से निपटने के लिए एक वैकल्पिक योजना भी तैयार की है। इसके तहत कई देशों से अतिरिक्त गैस की खेप भारत भेजी जा रही है। जानकारी के मुताबिक अल्जीरिया, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और नॉर्वे जैसे देशों से एलएनजी और एलपीजी के अतिरिक्त कार्गो भारत पहुंचने लगे हैं। इससे घरेलू बाजार में गैस की उपलब्धता बनाए रखने में मदद मिल रही है।
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आपूर्ति बनाए रखने के लिए नई रणनीति
सरकार ने पहले से ही ऊर्जा आपूर्ति के लिए अलग अलग देशों से समझौते करने की नीति अपनाई थी। इसी रणनीति का फायदा अब मौजूदा संकट के समय दिखाई दे रहा है। कई देशों से गैस की आपूर्ति होने के कारण एक ही क्षेत्र पर निर्भरता कम हो रही है। इससे संकट की स्थिति में भी देश के अंदर गैस की सप्लाई को संतुलित रखने में मदद मिल रही है।
भारत को किन देशों से मिलती है गैस
भारत में गैस की सप्लाई कई देशों से होती है। एलएनजी के मामले में कतर सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता माना जाता है। इसके अलावा अमेरिका, यूएई, अंगोला और नाइजीरिया जैसे देश भी भारत को गैस सप्लाई करते हैं। एलपीजी के मामले में खाड़ी देशों की भूमिका सबसे बड़ी है। हालांकि हाल के समय में अमेरिका भी एक अहम साझेदार के रूप में सामने आया है।
जमाखोरी रोकने के लिए सख्त कदम
सरकार ने यह भी साफ किया है कि संकट के समय गैस की जमाखोरी बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। खास तौर पर घरेलू गैस की सप्लाई को प्राथमिकता दी जा रही है। वाणिज्यिक इस्तेमाल करने वाले क्षेत्रों की स्थिति पर नजर रखने के लिए एक समिति भी बनाई गई है। अधिकारियों का कहना है कि इन कदमों का मकसद यह है कि हर घर तक गैस की सप्लाई बिना किसी रुकावट के पहुंचती रहे।