टी20 वर्ल्ड कप 2026 में साउथ अफ्रीका से 76 रन की हार के बाद टीम इंडिया के सामने नई चुनौती खड़ी हो गई है। नेट रन रेट -3.80 तक गिर चुका है, जिससे सेमीफाइनल की राह मुश्किल हो गई है। अब जिम्बाब्वे के खिलाफ मुकाबला सिर्फ जीत का नहीं, बल्कि बड़े अंतर से जीत दर्ज करने का है। हर रन और हर ओवर अहम हो चुका है।
बल्लेबाजी क्रम में बदलाव संभव
ओपनर अभिषेक शर्मा का प्रदर्शन इस टूर्नामेंट में निराशाजनक रहा है। चार मैचों में केवल 15 रन बनाकर वह दबाव में दिख रहे हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या प्लेइंग इलेवन में बदलाव होगा। बल्लेबाजी कोच ने संकेत दिया है कि टीम संयोजन पर आखिरी समय तक चर्चा होगी। जरूरत पड़ी तो क्रम में फेरबदल किया जा सकता है।
मिडिल ऑर्डर की भी परीक्षा
तिलक वर्मा भी लय में नजर नहीं आए हैं और उनका स्ट्राइक रेट चिंता का कारण बना है। दूसरी ओर ईशान किशन तेज खेल रहे हैं, लेकिन उन्हें दूसरे छोर से साथ नहीं मिल रहा। कप्तान सूर्यकुमार यादव ने रन तो बनाए हैं, पर उनका स्ट्राइक रेट सामान्य से कम है। ऐसे में पूरी बल्लेबाजी इकाई को जिम्मेदारी लेनी होगी।
चेपॉक की पिच से उम्मीद
चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम की पिच इस बार बल्लेबाजों के लिए बेहतर मानी जा रही है। यहां पहले भी बड़े स्कोर बन चुके हैं। अगर टीम शुरुआत अच्छी करती है तो बड़ा लक्ष्य खड़ा किया जा सकता है। मैदान की स्थिति को देखते हुए संतुलित खेल की जरूरत होगी।
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जिम्बाब्वे की चुनौती
जिम्बाब्वे की टीम को हल्के में नहीं लिया जा सकता। उनके तेज गेंदबाज उछाल और गति से सवाल खड़े कर सकते हैं। हालांकि स्पिन विभाग भारत के लिए ज्यादा खतरा नहीं माना जा रहा। भारत का हेड टू हेड रिकॉर्ड बेहतर है, लेकिन मौजूदा दबाव अलग कहानी कह रहा है।
गेंदबाजी से मिलेगी राहत?
भारत के लिए सकारात्मक पक्ष गेंदबाजी है। जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह और वरुण चक्रवर्ती अच्छी लय में हैं। उपकप्तान अक्षर पटेल की वापसी से टीम को संतुलन मिलेगा। यह मुकाबला शाम 7 बजे शुरू होगा और यही तय करेगा कि टीम इंडिया का सफर आगे बढ़ेगा या मुश्किलों में फंस जाएगा।