टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले महामुकाबले को लेकर बना सस्पेंस अब पूरी तरह खत्म हो गया है। लंबे समय से चल रही खींचतान के बाद यह साफ हो गया है कि 15 फरवरी को कोलंबो में यह मुकाबला अपने तय कार्यक्रम के अनुसार ही खेला जाएगा। इस फैसले के बाद क्रिकेट फैंस ने राहत की सांस ली है, क्योंकि यह मैच पूरे टूर्नामेंट का सबसे बड़ा आकर्षण माना जा रहा है।
फोन कॉल बनी गेम-चेंजर
इस पूरे विवाद को सुलझाने में श्रीलंका के राष्ट्रपति Anura Kumara Dissanayake और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif के बीच हुई फोन कॉल निर्णायक साबित हुई। सोमवार 9 फरवरी की रात दोनों नेताओं के बीच करीब 30 मिनट तक बातचीत हुई। इसी बातचीत के बाद पाकिस्तान ने अपना रुख बदला और मैच खेलने पर सहमति जताई।
1996 वर्ल्ड कप का दिया हवाला
श्रीलंका के विदेश मंत्री विजिता हेराथ ने इस पहल को क्रिकेट डिप्लोमेसी बताया। राष्ट्रपति दिसानायके ने बातचीत के दौरान पाकिस्तान को 1996 वर्ल्ड कप की याद दिलाई। उस समय सुरक्षा कारणों से कई देश श्रीलंका आने से हिचक रहे थे, लेकिन भारत और पाकिस्तान ने कोलंबो आकर श्रीलंका का साथ दिया था। इसी पुराने भरोसे और दोस्ती का हवाला देकर पाकिस्तान को मनाया गया।
पाकिस्तान का यू-टर्न क्यों आया
पाकिस्तान सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी दी कि उन्होंने सिर्फ श्रीलंका ही नहीं, बल्कि बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड और संयुक्त अरब अमीरात की अपीलों पर भी विचार किया। बांग्लादेश ने खुद पीसीबी से इस संकट का समाधान निकालने का अनुरोध किया था। अंतरराष्ट्रीय दबाव और आर्थिक नुकसान की आशंका के बीच पाकिस्तान ने आखिरकार बहिष्कार का फैसला वापस ले लिया।
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आईसीसी और ब्रॉडकास्टर्स को राहत
सोमवार देर रात International Cricket Council ने आधिकारिक बयान जारी कर इस फैसले की पुष्टि की। आईसीसी ने कहा कि पीसीबी के साथ बातचीत सकारात्मक रही और सभी पक्ष खेल के हित में आगे बढ़ने पर सहमत हैं। इस घोषणा के बाद ब्रॉडकास्टर्स और स्पॉन्सर्स को भी बड़ी राहत मिली, क्योंकि इस मैच से भारी कमाई जुड़ी होती है।
श्रीलंका के लिए सिर्फ मैच नहीं
राष्ट्रपति दिसानायके ने आधी रात को ट्वीट कर खुशी जताई और कहा कि कोलंबो में भारत-पाक मैच तय कार्यक्रम के अनुसार होगा। उन्होंने सभी संबंधित पक्षों का धन्यवाद किया। श्रीलंका के लिए यह मुकाबला सिर्फ क्रिकेट नहीं, बल्कि पर्यटन और अर्थव्यवस्था के लिए भी अहम है। अब जब रास्ता साफ हो गया है, तो फैंस को 15 फरवरी के उस हाई-वोल्टेज मुकाबले का बेसब्री से इंतजार है।