पिछले कुछ समय में टी20 क्रिकेट में भारतीय बल्लेबाजों की बल्लेबाजी ने सबका ध्यान खींचा है। मैदान पर बड़े-बड़े शॉट, तेज रन और लगातार ऊंचे स्कोर अब टीम इंडिया की पहचान बनते जा रहे हैं। अभिषेक शर्मा से लेकर ईशान किशन, संजू सैमसन और सूर्यकुमार यादव तक, कई खिलाड़ी बिना झिझक गेंदबाजों पर हावी नजर आते हैं। इसी पावर-हिटिंग को लेकर अब विदेशी खिलाड़ी भी सवाल उठाने लगे हैं।
श्रीलंकाई बल्लेबाज का चौंकाने वाला बयान
श्रीलंका के बल्लेबाज Bhanuka Rajapaksa ने हाल ही में एक इंटरव्यू में ऐसा बयान दिया, जिसने क्रिकेट जगत में हलचल मचा दी है। राजपक्षे का कहना है कि भारतीय बल्लेबाज जिस तरह की ताकत से शॉट्स लगा रहे हैं, उसके पीछे सिर्फ अभ्यास नहीं बल्कि खास तरह के बल्ले भी हो सकते हैं। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर भी बहस शुरू हो गई है।
बल्लों को लेकर लगाए गंभीर आरोप
राजपक्षे ने दावा किया कि भारतीय खिलाड़ियों के पास ऐसे बल्ले हैं जो आम खिलाड़ियों को आसानी से नहीं मिलते। उनके मुताबिक ये बल्ले सामान्य बल्लों से कहीं ज्यादा ताकतवर लगते हैं। उन्होंने यहां तक कहा कि जब गेंद बल्ले से टकराती है तो ऐसा महसूस होता है मानो बल्ले के ऊपर कोई रबर जैसी परत लगी हो, जो गेंद को ज्यादा उछाल देती है। उनके इस बयान ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
नियमों के दायरे में या बाहर?
क्रिकेट के नियम साफ कहते हैं कि बल्ले पर किसी भी तरह की अतिरिक्त परत या लेयर चढ़ाना मना है। नियमों के मुताबिक बल्ला पूरी तरह लकड़ी का होना चाहिए। ऐसे में राजपक्षे के दावे पर सवाल भी उठ रहे हैं। कई क्रिकेट जानकार मानते हैं कि भारतीय बल्लेबाजों की ताकत का असली कारण उनका फिटनेस लेवल, तकनीक और आत्मविश्वास है, न कि कोई खास उपकरण।
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टी20 क्रिकेट में टीम इंडिया का बदला अंदाज
2024 टी20 वर्ल्ड कप के बाद से टीम इंडिया का खेल काफी आक्रामक हो गया है। अब भारतीय टीम शुरुआत से ही तेज रन बनाने की कोशिश करती है। कई मुकाबलों में टीम 200 से ज्यादा रन बना चुकी है और कुछ मैचों में 250 के करीब का स्कोर भी देखने को मिला है। इसी आक्रामक सोच ने टीम इंडिया को टी20 क्रिकेट में अलग पहचान दी है।
बयान या बहाना, बहस जारी
राजपक्षे का बयान सच है या सिर्फ भारतीय टीम के दबदबे से उपजी हताशा, यह कहना मुश्किल है। फिलहाल इतना तय है कि भारतीय बल्लेबाजों की पावर-हिटिंग ने विरोधी टीमों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। आने वाले समय में अगर इस बयान पर कोई जांच या प्रतिक्रिया आती है, तो तस्वीर और साफ होगी। तब तक यह मुद्दा क्रिकेट गलियारों में चर्चा का विषय बना रहेगा।