India Cancer Cases: भारत में कैंसर तेजी से फैलता स्वास्थ्य संकट बन चुका है। नए आंकड़ों ने चिंताओं को और बढ़ा दिया है। ग्लोबल कैंसर ऑब्ज़र्वेटरी के मुताबिक भारत अब दुनिया में कैंसर के मामलों में तीसरे स्थान पर पहुंच गया है। देश में 2024 में अनुमानित 15.33 लाख कैंसर मरीज दर्ज किए गए, जबकि 2020 में यह संख्या 13.92 लाख थी। मात्र पांच सालों में 10% से ज्यादा की बढ़ोतरी स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए बड़ा संकेत है। विशेषज्ञों के अनुसार, तंबाकू सेवन, गलत जीवनशैली, प्रदूषण और बढ़ती उम्र वाली आबादी इसके प्रमुख कारण बन रहे हैं।
छोटे राज्यों में तेज उछाल
सरकारी डेटा के अनुसार, कैंसर के मामलों में सबसे तेज वृद्धि छोटे केंद्र शासित प्रदेशों में देखी गई है। दमन में 39.51% की बढ़ोतरी दर्ज हुई, जबकि दादरा एवं नगर हवेली में 30.09%, सिक्किम में 26.06%, लक्षद्वीप में 18.52% और मणिपुर में 18.48% की बढ़त दर्ज की गई। दिल्ली, हरियाणा, झारखंड, मध्य प्रदेश और कर्नाटक में भी 10% से अधिक वृद्धि हुई है। विशेषज्ञों का कहना है कि जीवनशैली में बदलाव, तंबाकू और शराब का सेवन और प्रदूषण इन इलाकों में तेजी से बढ़ते मामलों की वजह हैं।
बड़ी आबादी वाले राज्यों में सबसे ज्यादा मरीज
हालांकि प्रतिशत बढ़ोतरी छोटे राज्यों में अधिक है, लेकिन कुल मरीजों की संख्या बड़े राज्यों में सबसे अधिक दर्ज की गई है। उत्तर प्रदेश में 2.21 लाख, महाराष्ट्र में 1.27 लाख, पश्चिम बंगाल में 1.18 लाख और बिहार में 1.15 लाख कैंसर मरीज सामने आए हैं। हर साल लगभग लाखों नए मरीज जुड़ रहे हैं। ICMR का कहना है कि जागरूकता बढ़ने से रिपोर्टिंग बढ़ी है और खराब जीवनशैली, प्रदूषण व तंबाकू की आदतें बीमारी को और फैला रही हैं। विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि आने वाले वर्षों में कैंसर और तेजी से बढ़ सकता है, इसलिए रोकथाम, जांच और बेहतर स्वास्थ्य ढांचा अब बेहद जरूरी है।