India Space Station : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेरिस में आयोजित इंटरनेशनल स्पेस समिट को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संबोधित करते हुए भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम को लेकर बड़ा रोडमैप पेश किया। उन्होंने कहा कि भारत अंतरिक्ष क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है और आने वाले वर्षों के लिए महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किए गए हैं।
2035 तक बनेगा भारतीय स्पेस स्टेशन
पीएम मोदी ने कहा कि भारत का लक्ष्य 2035 तक अपना स्वतंत्र स्पेस स्टेशन स्थापित करना है। यह मिशन देश के अंतरिक्ष कार्यक्रम को नई ऊंचाई देगा और भारत को दुनिया की प्रमुख अंतरिक्ष शक्तियों में और मजबूत बनाएगा। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ तकनीकी उपलब्धि नहीं होगी, बल्कि वैज्ञानिक क्षमता का भी बड़ा प्रमाण होगी।
#WATCH पेरिस में आयोजित अंतरराष्ट्रीय स्पेस समिट को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "हमने 2035 तक एक भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन स्थापित करने और 2040 तक चांद पर पहला भारतीय भेजने का लक्ष्य रखा है।" pic.twitter.com/SNAMOHifXd
— ANI_HindiNews (@AHindinews) September 10, 2026
2040 तक चंद्रमा पर पहुंचेगा भारतीय
प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि भारत 2040 तक एक भारतीय को चंद्रमा पर भेजने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष एक भारतीय अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन तक पहुंचा था और अब अगला बड़ा कदम चंद्रमा पर भारतीय की मौजूदगी सुनिश्चित करना है।
ये भी पढ़ें : दूध की कीमत बढ़ी, लेकिन ग्राहकों को राहत! जानिए क्यों नहीं बढ़ेगा आपके खर्च का बोझ
चंद्रयान-3 और आदित्य एल-1 की सराहना
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने भारत की हालिया अंतरिक्ष उपलब्धियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि चंद्रयान-3 ने भारत को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास सफलतापूर्वक उतरने वाला पहला देश बनाया। वहीं आदित्य एल-1 मिशन सूर्य से जुड़े रहस्यों को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
फ्रांस के साथ मजबूत हो रहा सहयोग
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और फ्रांस के बीच अंतरिक्ष क्षेत्र में दशकों पुराना सहयोग रहा है। उन्होंने बताया कि 1960 के दशक में भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम की शुरुआत से ही फ्रांस एक भरोसेमंद साझेदार रहा है। आज यह सहयोग पृथ्वी अवलोकन, अनुसंधान और उन्नत तकनीकों तक विस्तारित हो चुका है।
पूरी मानवता के लिए अंतरिक्ष
पीएम मोदी ने कहा कि भारत सुरक्षित, टिकाऊ और अंतरराष्ट्रीय कानूनों पर आधारित अंतरिक्ष व्यवस्था का समर्थन करता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि वैज्ञानिक शोध और अंतरिक्ष तकनीक के लाभ पूरी मानवता तक पहुंचने चाहिए। साथ ही उन्होंने फ्रांस और अन्य देशों को भारत के आगामी अंतरिक्ष अभियानों में सहभागी बनने का आमंत्रण भी दिया।