ग्लोबल तनाव, टैरिफ वॉर और अनिश्चित हालात के बीच भी भारतीय अर्थव्यवस्था लगातार मजबूती दिखा रही है। अमेरिका और चीन जैसी बड़ी ताकतों के बावजूद भारत की ग्रोथ दुनिया में सबसे तेज बनी हुई है। आईएमएफ, विश्व बैंक और अब ओईसीडी जैसे बड़े संगठनों ने भारत की आर्थिक रफ्तार की खुलकर तारीफ की है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि भारत अब सिर्फ उभरती अर्थव्यवस्था नहीं, बल्कि भविष्य की सबसे बड़ी ताकत बनने की ओर बढ़ रहा है।
OECD का बड़ा अनुमान क्या कहता है
ऑर्गेनाइजेशन फॉर इकोनॉमिक कोऑपरेशन एंड डेवलपमेंट यानी OECD के लॉन्गटर्म आउटलुक ने सबका ध्यान खींचा है। सिंगापुर नेशनल यूनिवर्सिटी के एक्सपर्ट बर्ट हॉफमैन के मुताबिक, अगर ये अनुमान सही साबित होते हैं, तो सदी के अंत तक भारत दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है। इस लिस्ट में भारत के बाद अमेरिका और फिर चीन का नंबर आएगा। इसे भारत के लिए बेहद अहम संकेत माना जा रहा है।
2060 तक अमेरिका से आगे निकल सकता है भारत
OECD के सितंबर 2025 में जारी अनुमानों के अनुसार, भारत 2060 तक अमेरिका को पीछे छोड़ सकता है। इतना ही नहीं, सदी के अंत तक भारत की अर्थव्यवस्था चीन से लगभग दोगुनी हो सकती है। रिपोर्ट बताती है कि चीन की जनसंख्या में तेज गिरावट आने वाली है। अनुमान है कि 2100 तक चीन की आबादी घटकर करीब 65 करोड़ रह सकती है, जिससे उसकी आर्थिक क्षमता पर असर पड़ेगा।
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जनसंख्या नहीं, कामकाजी ताकत बनेगी हथियार
एक्सपर्ट्स का कहना है कि भारत की असली ताकत उसकी कामकाजी आबादी होगी। 2100 तक भारत के पास दुनिया की सबसे बड़ी वर्कफोर्स हो सकती है। वर्कफोर्स में भागीदारी 50 प्रतिशत से बढ़कर 70 प्रतिशत तक पहुंचने का अनुमान है। यानी ज्यादा लोग काम करेंगे, उत्पादन बढ़ेगा और अर्थव्यवस्था को लंबी अवधि का फायदा मिलेगा। यही वजह है कि भारत की ग्रोथ चीन से तेज बताई जा रही है।
CEBR और दूसरे एक्सपर्ट भी आश्वस्त
सिर्फ OECD ही नहीं, सेंटर फॉर इकोनॉमिक्स एंड बिजनेस रिसर्च यानी CEBR ने भी यही तस्वीर दिखाई है। CEBR की रिपोर्ट के मुताबिक, सदी के अंत तक भारत की जीडीपी चीन से 90 प्रतिशत और अमेरिका से 30 प्रतिशत ज्यादा हो सकती है। Davos 2026 में भी कई बड़े निवेशकों और एक्सपर्ट्स ने कहा कि अगले दो-तीन दशकों में भारत दुनिया की सबसे बड़ी इकोनॉमी बन सकता है।
IMF और वर्ल्ड बैंक की मुहर
ग्लोबल एजेंसियों की रिपोर्ट भी भारत के पक्ष में हैं। विश्व बैंक ने भारत की जीडीपी ग्रोथ का अनुमान बढ़ाकर 7.2 प्रतिशत कर दिया है। वहीं आईएमएफ ने FY2025-26 के लिए ग्रोथ रेट 7.3 प्रतिशत बताई है। Deloitte जैसे संस्थानों का भी मानना है कि भारत की ग्रोथ 7.5 से 7.8 प्रतिशत के बीच रह सकती है। साफ है कि तमाम चुनौतियों के बावजूद भारत की आर्थिक कहानी दुनिया को हैरान कर रही है।