भारत के व्यापार मोर्चे पर फरवरी महीने के आंकड़ों ने नई चिंता खड़ी कर दी है। इस दौरान देश के निर्यात में बढ़ोतरी जरूर हुई, लेकिन आयात की रफ्तार उससे कहीं ज्यादा तेज रही। इसी वजह से व्यापार घाटा बढ़कर 3.96 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। सरकार के सामने अब चुनौती यह है कि वैश्विक हालात के बीच निर्यात की रफ्तार को बनाए रखा जाए और आयात के दबाव को संतुलित किया जाए।
फरवरी में निर्यात और आयात दोनों में बढ़ोतरी
वाणिज्य मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार फरवरी 2026 में भारत का कुल माल और सेवा निर्यात 76.13 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया, जो पिछले साल फरवरी के 68.56 बिलियन डॉलर से करीब 11.04 प्रतिशत ज्यादा है। दूसरी ओर आयात में और भी तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई। फरवरी 2025 के 65.84 बिलियन डॉलर की तुलना में आयात बढ़कर 80.09 बिलियन डॉलर हो गया, जो करीब 21.61 प्रतिशत की वृद्धि दिखाता है। इसी कारण व्यापार घाटा भी बढ़कर 3.96 बिलियन डॉलर पर पहुंच गया, जबकि पिछले साल इसी महीने यह 2.72 बिलियन डॉलर था।
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माल और सेवा क्षेत्र के आंकड़े
आंकड़ों के अनुसार फरवरी में माल निर्यात थोड़ा घटकर 36.61 बिलियन डॉलर रह गया, जो एक साल पहले 36.91 बिलियन डॉलर था। वहीं माल आयात में बड़ा उछाल आया और यह 51.33 बिलियन डॉलर से बढ़कर 63.71 बिलियन डॉलर हो गया। दूसरी तरफ सेवा क्षेत्र ने बेहतर प्रदर्शन किया। सेवा निर्यात 31.65 बिलियन डॉलर से बढ़कर 39.53 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया, जबकि सेवा आयात 14.51 बिलियन डॉलर से बढ़कर 16.38 बिलियन डॉलर हो गया।
वित्त वर्ष में निर्यात का आंकड़ा मजबूत
मौजूदा वित्त वर्ष में अब तक देश का कुल निर्यात बेहतर स्थिति में बना हुआ है। अप्रैल से फरवरी के बीच कुल निर्यात 790.86 बिलियन डॉलर रहने का अनुमान है, जो पिछले साल के 747.58 बिलियन डॉलर से ज्यादा है। यानी करीब 5.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। इससे पहले 2024-25 में भारत ने 824.9 बिलियन डॉलर का निर्यात कर नया रिकॉर्ड बनाया था।
मार्च में निर्यात पर पड़ सकता है असर
वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल के अनुसार वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत का निर्यात अभी तक संतोषजनक बना हुआ है। हालांकि उन्होंने यह भी संकेत दिया कि मार्च महीने में निर्यात की रफ्तार धीमी पड़ सकती है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे अहम समुद्री मार्गों पर असर पड़ने से लॉजिस्टिक्स में रुकावट आ रही है, जिसका असर आने वाले महीनों में व्यापार पर दिखाई दे सकता है।