UPI Global Expansion : भारत का यूपीआई अब सिर्फ देश में पैसे भेजने और दुकानों पर भुगतान करने तक सीमित नहीं है। इसकी पहुंच दूसरे देशों तक भी बढ़ रही है। सरकारी जानकारी के मुताबिक, यूपीआई अब 11 देशों में अलग-अलग तरह से भुगतान और पैसे भेजने की सुविधा दे रहा है। ग्रीस और मालदीव इसके नए जुड़ने वाले देशों में शामिल हैं।
10 साल में बदल गया भुगतान का तरीका
यूपीआई की शुरुआत 25 अगस्त 2016 को हुई थी। इन 10 वर्षों में इसने भारत में डिजिटल भुगतान का तरीका काफी बदल दिया है। मोबाइल फोन से कुछ ही सेकंड में पैसे भेजना अब आम बात हो गई है। छोटे दुकानदारों से लेकर बड़े कारोबार तक, लोग रोजमर्रा के भुगतान के लिए यूपीआई का इस्तेमाल कर रहे हैं।
11 देशों तक पहुंचा यूपीआई
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, यूपीआई की सुविधा अब यूएई, फ्रांस, भूटान, श्रीलंका, नेपाल, सिंगापुर, मॉरीशस, कतर, कंबोडिया, ग्रीस और मालदीव तक पहुंच चुकी है। हालांकि सभी देशों में इसकी सुविधा एक जैसी नहीं है। कहीं भारतीय यात्री दुकानों पर यूपीआई से भुगतान कर सकते हैं, तो कुछ जगहों पर भारत और दूसरे देश के बीच पैसे भेजने की सुविधा भी मिल रही है।
ग्रीस और मालदीव में बढ़ी सुविधा
ग्रीस में भारत और ग्रीस के बीच पैसे भेजने की सुविधा शुरू की गई है। वहीं मालदीव की भुगतान व्यवस्था को यूपीआई से जोड़ा गया है। इससे दोनों देशों के बीच डिजिटल तरीके से पैसे भेजने का रास्ता आसान हुआ है। आने वाले समय में इन सुविधाओं का दायरा और बढ़ने की उम्मीद है।
विदेश जाने वाले भारतीयों को फायदा
यूपीआई के विदेशों तक पहुंचने का सीधा फायदा भारतीय यात्रियों को भी मिल सकता है। जिन देशों में यूपीआई भुगतान की सुविधा उपलब्ध है, वहां लोग अपने मोबाइल से भुगतान कर सकते हैं। इससे हर जगह नकद पैसे रखने की जरूरत कम हो सकती है। हालांकि विदेश जाने से पहले यह जरूर जांच लेना चाहिए कि वहां यूपीआई की कौन-सी सुविधा उपलब्ध है।
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दुनिया में बढ़ रही भारत की डिजिटल पहचान
यूपीआई की बढ़ती पहुंच भारत की डिजिटल ताकत को दिखाती है। वित्त वर्ष 2025-26 में यूपीआई से हजारों करोड़ लेनदेन हुए और इसका इस्तेमाल लगातार बढ़ा है। अब दूसरे देशों में भी इसकी सुविधा मिलने से भारत की डिजिटल भुगतान व्यवस्था को नई पहचान मिल रही है। यूपीआई का सफर बताता है कि भारत में शुरू हुई यह सुविधा अब देश की सीमा से बाहर भी अपनी जगह बना रही है। आने वाले समय में और देशों के जुड़ने से विदेशों में भारतीयों के लिए डिजिटल भुगतान और आसान हो सकता है।