India Vice President resignation: भारत के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने राष्ट्रपति को भेजे अपने पत्र में लिखा कि वे स्वास्थ्य कारणों और डॉक्टरों की सलाह के आधार पर यह फैसला ले रहे हैं. धनखड़ ने अपने त्यागपत्र में राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मंत्रिपरिषद को उनके सहयोग के लिए आभार जताया. उन्होंने कहा कि उपराष्ट्रपति के रूप में कार्य करना उनके लिए सौभाग्य और गर्व की बात रही.
कार्यक्रम के बाद बिगड़ी थी तबीयत
धनखड़ की तबीयत 25 जून को उत्तराखंड के कुमाऊं यूनिवर्सिटी के गोल्डन जुबली कार्यक्रम के दौरान बिगड़ गई थी. कार्यक्रम के बाद उन्हें सीने में दर्द की शिकायत हुई, जिसके बाद उन्हें नैनीताल राजभवन ले जाया गया था. वहाँ डॉक्टरों ने उनकी जांच की थी. कार्यक्रम के दौरान उन्होंने पूर्व सांसद महेंद्र पाल से गले मिलकर भावुक होकर आंसू भी बहाए थे, जिससे उनकी तबीयत और बिगड़ गई.
राजनीतिक और पेशेवर सफर
राजस्थान के झुंझुनू में जन्मे 70 वर्षीय जगदीप धनखड़ एक साधारण किसान परिवार से आते हैं. सैनिक स्कूल में पढ़ाई के बाद उन्होंने राजस्थान यूनिवर्सिटी से लॉ की डिग्री ली और जयपुर में वकालत शुरू की. वे 1989 में सांसद बने और वीपी सिंह सरकार में केंद्रीय मंत्री भी रहे. 2019 में उन्हें पश्चिम बंगाल का राज्यपाल नियुक्त किया गया और 2022 में उपराष्ट्रपति चुना गया. उपराष्ट्रपति चुनाव में उन्होंने विपक्ष की उम्मीदवार मार्गरेट अल्वा को हराया था.