अफगानिस्तान के खिलाफ टेस्ट और वनडे सीरीज के लिए टीम इंडिया का ऐलान होते ही चर्चा तेज हो गई है। इस बार चयनकर्ताओं ने कुछ नए चेहरों पर भरोसा जताया है। प्रिंस यादव, हर्ष दुबे, मानव सुथार और गुरनूर बराड़ को पहली बार टीम में जगह मिली है। इन खिलाड़ियों को भविष्य की तैयारी के तौर पर देखा जा रहा है और अब उनकी नजर खुद को साबित करने पर होगी।
अक्षर और जडेजा पर नजर
हर्ष दुबे को दोनों प्रारूपों में मौका मिला है। वह बाएं हाथ के स्पिनर होने के साथ बल्लेबाजी भी कर सकते हैं। ऐसे में उन्हें अक्षर पटेल के विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है। वहीं मानव सुथार और हर्ष दुबे दोनों के प्रदर्शन पर इसलिए भी नजर रहेगी क्योंकि रवींद्र जडेजा की जगह भविष्य में कौन लेगा, इस सवाल पर भी चर्चा बढ़ गई है।
तेज गेंदबाजी में नई चुनौती
वनडे टीम में प्रिंस यादव और गुरनूर बराड़ को शामिल किया गया है। दोनों घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन करके आए हैं। अगर ये खिलाड़ी नई गेंद और डेथ ओवरों में असर छोड़ते हैं तो कई पुराने खिलाड़ियों की राह मुश्किल हो सकती है। खासतौर पर वनडे टीम में वापसी की उम्मीद लगाए बैठे खिलाड़ियों के लिए यह चुनौती बड़ी मानी जा रही है।
शमी और सिराज पर सवाल
मोहम्मद सिराज को टेस्ट में जगह मिली लेकिन वनडे में नहीं। वहीं मोहम्मद शमी भी लगातार टीम से बाहर चल रहे हैं। चयनकर्ताओं की रणनीति साफ दिख रही है कि वे अब नए विकल्पों को तैयार करना चाहते हैं। ऐसे में अगर युवा गेंदबाज अच्छा प्रदर्शन करते हैं तो आने वाले समय में पुराने खिलाड़ियों की वापसी और कठिन हो सकती है।
भुवनेश्वर को भी झटका
आईपीएल में शानदार प्रदर्शन के बावजूद भुवनेश्वर कुमार को मौका नहीं मिला। इससे यह संकेत भी मिल रहा है कि चयनकर्ता अब भविष्य की टीम पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं। नए खिलाड़ियों को मौका देकर लंबी योजना तैयार करने की कोशिश दिखाई दे रही है। इससे अनुभव और युवा खिलाड़ियों के बीच नई प्रतिस्पर्धा शुरू हो सकती है।
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पंत को लेकर भी सवाल
ऋषभ पंत टेस्ट टीम का हिस्सा हैं लेकिन वनडे टीम से बाहर कर दिए गए हैं। साथ ही उपकप्तानी भी उनसे वापस ले ली गई है। इससे चर्चा शुरू हो गई है कि क्या वह भविष्य की वनडे योजना में पहले जैसे मजबूत दावेदार नहीं रहे। फिलहाल अफगानिस्तान सीरीज सिर्फ एक दौरा नहीं बल्कि कई खिलाड़ियों के भविष्य का बड़ा इम्तिहान बनती नजर आ रही है।