भारत और इंग्लैंड के बीच ब्रिस्टल में खेला जाने वाला चौथा टी20 मुकाबला टीम इंडिया के लिए बेहद अहम है। पांच मैचों की सीरीज में भारत 0-2 से पीछे चल रहा है और अगर इस मैच में भी हार मिली तो सीरीज हाथ से निकल जाएगी। ऐसे में कप्तान श्रेयस अय्यर के साथ मुख्य कोच गौतम गंभीर के हर फैसले पर सबकी नजर रहेगी। लगातार खराब प्रदर्शन के बाद अब टीम के सामने सिर्फ मैच जीतने ही नहीं, बल्कि आत्मविश्वास वापस पाने की भी चुनौती है।
संजू या वैभव? सबसे बड़ा सवाल
टीम चयन को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा संजू सैमसन की वापसी पर हो रही है। दूसरे और तीसरे टी20 में उन्हें बाहर बैठाकर युवा वैभव सूर्यवंशी को मौका दिया गया था। वैभव ने कुछ अच्छे शॉट जरूर खेले, लेकिन बड़ी पारी नहीं खेल सके। इसके बाद सोशल मीडिया से लेकर स्टेडियम तक 'वी वांट संजू' के नारे गूंजने लगे। अब सवाल यह है कि क्या टीम प्रबंधन अनुभव पर भरोसा करेगा या फिर युवा खिलाड़ियों को एक और मौका मिलेगा।
बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों चिंता
भारतीय बल्लेबाजी इस दौरे पर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाई है। तीसरे टी20 में पूरी टीम सिर्फ 76 रन पर सिमट गई थी। श्रेयस अय्यर, ईशान किशन और तिलक वर्मा जैसे बल्लेबाज बड़ी पारियां नहीं खेल पाए। दूसरी ओर गेंदबाजी में भी वरुण चक्रवर्ती प्रभाव छोड़ने में नाकाम रहे हैं। वहीं इंग्लैंड के जोफ्रा आर्चर, जोश टंग और फिल साल्ट लगातार भारत के लिए मुश्किलें बढ़ा रहे हैं।
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गंभीर की रणनीति पर टिकी नजर
गौतम गंभीर ने हाल में कहा था कि टीम बदलाव के दौर से गुजर रही है और युवा खिलाड़ियों को समय देना जरूरी है। हालांकि लगातार हार के बाद अब टीम प्रबंधन पर दबाव पहले से ज्यादा बढ़ गया है। अगर संजू की वापसी होती है तो किसी खिलाड़ी को बाहर बैठना पड़ेगा और अगर प्लेइंग-11 में कोई बदलाव नहीं होता तो फैसलों पर फिर सवाल उठ सकते हैं। ऐसे में चौथा टी20 सिर्फ सीरीज बचाने का मुकाबला नहीं, बल्कि टीम इंडिया की रणनीति, चयन और भविष्य की दिशा तय करने वाला मैच भी माना जा रहा है।