इंग्लैंड दौरे पर टीम इंडिया को लगातार झटके लग रहे हैं। पांच मैचों की टी20 सीरीज के तीन मुकाबले पूरे हो चुके हैं और इंग्लैंड दो मैच अपने नाम कर चुका है। इस स्थिति के बाद भारत के लिए सीरीज जीतना अब संभव नहीं रहा। अगर भारतीय टीम बाकी दोनों मुकाबले जीत भी लेती है, तब भी सीरीज केवल बराबरी पर खत्म होगी। यानी इस बार इंग्लैंड की धरती पर एक और सीरीज जीतने का सपना टूट चुका है। लगातार मिली हार ने खिलाड़ियों के साथ-साथ भारतीय फैंस की भी चिंता बढ़ा दी है।
टूटा जीत का पुराना रिकॉर्ड
इंग्लैंड में भारत का टी20 रिकॉर्ड पिछले कुछ सालों में काफी अच्छा रहा है। 2018 और 2022 में टीम इंडिया ने तीन मैचों की टी20 सीरीज जीतकर इतिहास रचा था। इससे पहले भी जब लंबी टी20 सीरीज खेली गई, भारत ने मजबूत प्रदर्शन किया। लेकिन इस बार तस्वीर पूरी तरह बदल गई है। टीम शुरुआती मुकाबलों में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सकी। बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में लगातार कमजोरियां देखने को मिलीं। यही वजह रही कि इंग्लैंड ने बढ़त बना ली और भारत का जीत का सिलसिला टूटता नजर आ रहा है।
कप्तानी और टीम पर उठे सवाल
लगातार हार के बाद कप्तान श्रेयस अय्यर की रणनीति भी चर्चा में है। कई मौकों पर टीम सही लय में नजर नहीं आई। बल्लेबाज बड़ी साझेदारी नहीं बना सके, जबकि गेंदबाज भी दबाव बनाने में सफल नहीं रहे। टीम चयन और मैदान पर लिए गए फैसलों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि आखिरी दो मुकाबलों में भारत को हर विभाग में बेहतर प्रदर्शन करना होगा, तभी टीम वापसी की उम्मीद जगा सकती है।
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अब सम्मान बचाने की चुनौती
अब टीम इंडिया के सामने सबसे बड़ा लक्ष्य सीरीज जीतना नहीं, बल्कि हार से बचना है। अगर भारत आखिरी दोनों मैच भी हार जाता है, तो इंग्लैंड पहली बार पांच मैचों की टी20 सीरीज में भारतीय टीम का क्लीन स्वीप कर देगा। यह भारतीय क्रिकेट के लिए एक निराशाजनक रिकॉर्ड होगा। ऐसे में सभी की नजरें अब बाकी दो मुकाबलों पर हैं। भारतीय टीम चाहे सीरीज अपने नाम नहीं कर सकती, लेकिन मजबूत वापसी कर सम्मान बचाने और आत्मविश्वास हासिल करने का मौका उसके पास अभी भी मौजूद है।