Smriti Irani: केंद्रीय बजट 2026 को लेकर सियासी और आर्थिक हलकों में चर्चा तेज है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए बजट पर पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने खुलकर सराहना की है। उन्होंने इसे युवाओं की ताकत से संचालित और देश को मैन्युफैक्चरिंग व एक्सपोर्ट का बड़ा केंद्र बनाने वाला बजट बताया। उनके मुताबिक, बजट के ऐलान अलग-अलग नहीं बल्कि एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं, जो भारत की दीर्घकालिक आर्थिक मजबूती की दिशा दिखाते हैं।
मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट को बढ़ावा
स्मृति ईरानी ने कहा कि बजट में भारत को ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब और एक्सपोर्ट हब बनाने के लिए ठोस कदम उठाए गए हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि 2014-15 में जहां इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग का निर्यात लगभग 5 बिलियन डॉलर था, वहीं आज यह बढ़कर करीब 35 बिलियन डॉलर तक पहुंच चुका है। बजट में किए गए नए प्रावधान इस रफ्तार को और तेज करेंगे।
सेमीकंडक्टर और इक्विपमेंट सेक्टर पर फोकस
पूर्व मंत्री ने सेमीकंडक्टर और इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग के लिए घोषित 40 हजार करोड़ रुपये को अहम बताया। उनका कहना है कि यह निवेश न केवल तकनीकी आत्मनिर्भरता बढ़ाएगा, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा। इससे भारत की वैश्विक सप्लाई चेन में भूमिका और मजबूत होगी।
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भारत की हिस्सेदारी बढ़ाने की योजना
बजट में रेयर अर्थ मिनरल कॉरिडोर का उल्लेख करते हुए स्मृति ईरानी ने कहा कि भारत के पास इन मिनरल्स का दुनिया में तीसरा सबसे बड़ा भंडार है। इसके बावजूद वैश्विक उत्पादन में देश की हिस्सेदारी अभी बेहद कम है। सरकार अब इन मिनरल्स के घरेलू उत्पादन और मूल्य संवर्धन पर जोर दे रही है।
लॉजिस्टिक्स सुधार से मिलेगा निर्यात को सहारा
उन्होंने कहा कि केवल उत्पादन बढ़ाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसे वैश्विक बाजार तक पहुंचाना भी जरूरी है। Coastal Cargo Promotion जैसे कदम लॉजिस्टिकल सिस्टम को मजबूत करेंगे और कंपनियों का टर्नअराउंड टाइम घटेगा। स्मृति ईरानी के अनुसार, बायोफार्मा, सेमीकंडक्टर और रेयर अर्थ से जुड़ी योजनाएं मिलकर बजट 2026 को एक समग्र और दूरदर्शी दस्तावेज बनाती हैं।