भारत के पांच छात्रों ने दुनिया के बड़े मंच पर देश का नाम रोशन किया है। कोलंबिया के बुकारामांगा में हुए 56वें इंटरनेशनल फिजिक्स ओलंपियाड 2026 में भारतीय टीम के सभी पांच छात्रों ने गोल्ड मेडल जीते। इस शानदार प्रदर्शन के साथ भारत रूस, चीन, कजाकिस्तान, दक्षिण कोरिया और ताइवान के साथ पहले स्थान पर रहा। मुकाबले में 87 देशों के 381 छात्रों ने हिस्सा लिया था। भारत के लिए सबसे खास बात ये रही कि टीम का कोई भी छात्र गोल्ड मेडल से नहीं चूका।
पांच छात्र गए और पांच गोल्ड लेकर लौटे
भारतीय टीम में कनिष्क जैन, रिद्धेश बेंडाले, ऋषित गर्ग और स्वरित जोशी समेत पांच छात्र शामिल थे। सभी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया। बताया गया कि पांच गोल्ड जीतने वाले भारतीय छात्रों में चार कोटा में पढ़ाई और तैयारी से जुड़े रहे हैं। छात्रों ने कठिन सवालों और प्रयोग से जुड़ी परीक्षा में बेहतरीन प्रदर्शन किया। भारतीय छात्रों ने लिखित परीक्षा में लगभग पूरे अंक हासिल किए और प्रयोग वाली परीक्षा में भी उनका प्रदर्शन शानदार रहा।
चार पड़ाव पार कर टीम में मिली जगह
इंटरनेशनल फिजिक्स ओलंपियाड तक पहुंचना छात्रों के लिए आसान नहीं था। सबसे पहले राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा हुई। इसके बाद इंडियन नेशनल फिजिक्स ओलंपियाड में छात्रों ने हिस्सा लिया। यहां से चुने गए छात्रों को खास तैयारी शिविर में बुलाया गया। कई दौर की परीक्षा और तैयारी के बाद भारत की पांच छात्रों वाली टीम चुनी गई। यही पांच छात्र कोलंबिया पहुंचे और सभी ने गोल्ड मेडल जीतकर देश को बड़ी खुशी दी।
कोटा में तैयारी ने भी निभाई बड़ी भूमिका
गोल्ड मेडल जीतने वाले छात्रों ने अपनी सफलता के पीछे लगातार मेहनत और सही तैयारी को बड़ी वजह बताया। कनिष्क जैन ने कहा कि कोटा में मिली पढ़ाई और शिक्षकों की मदद अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में काफी काम आई। रिद्धेश बेंडाले और ऋषित गर्ग ने भी अपनी तैयारी को सफलता की बड़ी वजह बताया। कक्षा 11 के छात्र स्वरित जोशी के मुताबिक सही समय पर तैयारी शुरू की जाए तो बड़े मुकाबले में भी शानदार प्रदर्शन किया जा सकता है।
2018 के बाद फिर भारत ने किया कमाल
भारत ने इंटरनेशनल फिजिक्स ओलंपियाड में दूसरी बार ऐसा किया है जब टीम के सभी पांच छात्रों ने गोल्ड मेडल जीते। इससे पहले साल 2018 में भी भारत के पांचों छात्रों ने गोल्ड अपने नाम किया था। पिछले 10 साल के आंकड़े भी भारत के शानदार प्रदर्शन की कहानी बताते हैं। इस दौरान ओलंपियाड में हिस्सा लेने वाला हर भारतीय छात्र कोई न कोई मेडल जीतकर देश लौटा है। इनमें 62 प्रतिशत छात्रों ने गोल्ड और 38 प्रतिशत छात्रों ने सिल्वर मेडल जीते हैं।
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दुनिया के मंच पर चमके भारत के छात्र
भारत के लिए यह इंटरनेशनल फिजिक्स ओलंपियाड में 27वीं भागीदारी थी। भारतीय टीम के चयन और तैयारी की जिम्मेदारी होमी भाभा विज्ञान शिक्षा केंद्र संभालता है। इस बार भारतीय टीम का नेतृत्व प्रोफेसर अन्वेष मजूमदार और डॉ. लीना जोशी ने किया। पांच छात्रों का जाना और पांचों का गोल्ड मेडल लेकर लौटना भारत के लिए बड़ी उपलब्धि है। 87 देशों के छात्रों के बीच भारतीय टीम ने दिखा दिया कि विज्ञान और पढ़ाई के मामले में देश के युवा दुनिया के सबसे बेहतरीन छात्रों को कड़ी टक्कर दे रहे हैं।