भारतीय महिला क्रिकेट टीम के लिए एशियन गेम्स 2026 का स्क्वाड घोषित कर दिया गया है। जापान के नागोया में 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक होने वाले इस टूर्नामेंट में टीम की कप्तानी एक बार फिर हरमनप्रीत कौर के हाथों में रहेगी, जबकि स्मृति मंधाना उपकप्तान होंगी। चयनकर्ताओं ने ज्यादातर उन्हीं खिलाड़ियों पर भरोसा जताया है, जिन्होंने टी20 वर्ल्ड कप खेला था, लेकिन एक बड़ा बदलाव भी देखने को मिला।
यास्तिका भाटिया की छुट्टी क्यों हुई?
सबसे ज्यादा चर्चा विकेटकीपर-बल्लेबाज यास्तिका भाटिया को टीम से बाहर किए जाने की हो रही है। इसकी सबसे बड़ी वजह उनका हालिया प्रदर्शन माना जा रहा है। टी20 वर्ल्ड कप में यास्तिका तीन मैचों में सिर्फ 41 रन ही बना सकीं। उनका औसत 13.66 और स्ट्राइक रेट 117.14 रहा। कमजोर प्रदर्शन के चलते चयनकर्ताओं ने इस बार उन्हें टीम में जगह नहीं दी।
किसे मिला मौका?
यास्तिका की जगह युवा विकेटकीपर-बल्लेबाज जी. कमलिनी को टीम में शामिल किया गया है। इसके अलावा हरमनप्रीत कौर, स्मृति मंधाना, शेफाली वर्मा, जेमिमा रॉड्रिग्स, दीप्ति शर्मा, ऋचा घोष, भारती फूलमाली, श्री चरणी, रेणुका ठाकुर, क्रांति गौड़, अरुंधति रेड्डी, राधा यादव और नंदिनी शर्मा को भी टीम में जगह मिली है। ऑलराउंडर श्रेयंका पाटिल भी स्क्वाड में हैं, लेकिन उनका खेलना फिटनेस पर निर्भर करेगा।
हरमनप्रीत पर फिर जताया भरोसा
टी20 वर्ल्ड कप में भारतीय टीम सेमीफाइनल तक नहीं पहुंच सकी थी। इसके बावजूद चयनकर्ताओं ने कप्तानी में कोई बदलाव नहीं किया। हरमनप्रीत कौर को फिर से टीम की कमान सौंपी गई है। वहीं जेमिमा रॉड्रिग्स का प्रदर्शन भी वर्ल्ड कप में खास नहीं रहा था, लेकिन अनुभव और पिछले रिकॉर्ड को देखते हुए उन्हें टीम में बरकरार रखा गया।
भारत के सामने गोल्ड बचाने की चुनौती
भारतीय महिला टीम एशियन गेम्स में मौजूदा चैंपियन के रूप में उतरेगी। 2023 में हांगझोऊ एशियन गेम्स के फाइनल में भारत ने श्रीलंका को हराकर गोल्ड मेडल जीता था। उस टूर्नामेंट में जेमिमा रॉड्रिग्स ने सबसे ज्यादा रन बनाए थे। अब टीम के सामने लगातार दूसरी बार गोल्ड जीतने की चुनौती होगी।
इसे भी पढे़ं : फाइनल तक पहुंचकर क्यों खाली रह गए Kidambi Srikanth के हाथ? US ओपन में टूट गया खिताब का सपना
चयनकर्ताओं का साफ संदेश
एशियन गेम्स के लिए चुनी गई टीम से साफ संकेत मिलता है कि अब सिर्फ नाम नहीं, बल्कि हालिया प्रदर्शन और टीम की जरूरत को प्राथमिकता दी जाएगी। यास्तिका भाटिया का बाहर होना इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि नया संयोजन भारत को एक बार फिर एशियन गेम्स का गोल्ड दिला पाता है या नहीं।