India WTC Final : श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज 1-0 से जीतने के बावजूद टीम इंडिया को वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) में बड़ा झटका लगा है। कोलंबो टेस्ट ड्रॉ होने से भारत के खाते में जीत के 12 अंक नहीं आ सके और सिर्फ 4 अंक मिले। यही वजह है कि भारतीय टीम अंक तालिका में बड़ी छलांग लगाने का मौका गंवा बैठी। अब फाइनल की दौड़ में बने रहने के लिए आगे के मुकाबले और भी अहम हो गए हैं।
जीत हाथ में थी, लेकिन छूट गई
कोलंबो टेस्ट में भारत मजबूत स्थिति में था। पहली पारी में 503/9 का विशाल स्कोर बनाने के बाद टीम ने श्रीलंका को 290 रन पर रोक दिया। इसके बाद फॉलोऑन भी दिया गया, लेकिन भारतीय गेंदबाज आखिरी विकेट नहीं निकाल सके। श्रीलंका के बल्लेबाज सोनल दिनुषा ने शानदार शतक लगाकर मैच बचा लिया। इसी ड्रॉ ने भारत के WTC अभियान का पूरा गणित बदल दिया।
अंक तालिका में कहां खड़ा है भारत?
अगर भारत कोलंबो टेस्ट जीत जाता तो उसका अंक प्रतिशत 63.33 तक पहुंच जाता और टीम चौथे स्थान पर आ सकती थी। लेकिन ड्रॉ के बाद भारत 51.51 प्रतिशत अंक के साथ पांचवें स्थान पर बना हुआ है। यह स्थिति बताती है कि अब आगे होने वाले हर मुकाबले का असर सीधे फाइनल की उम्मीदों पर पड़ने वाला है। भारत अभी भी रेस में है, लेकिन गलती की गुंजाइश काफी कम हो गई है।
अभी सात टेस्ट बाकी हैं
मौजूदा WTC चक्र में भारत को अभी सात टेस्ट मैच और खेलने हैं। इनमें न्यूजीलैंड दौरे पर दो टेस्ट और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घरेलू मैदान पर पांच टेस्ट शामिल हैं। यही सात मुकाबले तय करेंगे कि टीम इंडिया फाइनल तक पहुंच पाएगी या नहीं। यदि भारत अपने सभी सात मैच जीत लेता है तो उसका अंक प्रतिशत 70.37 तक पहुंच सकता है, जो फाइनल के लिए काफी मजबूत स्थिति मानी जाएगी।
न्यूजीलैंड दौरा बनेगा सबसे बड़ा इम्तिहान
भारत के लिए सबसे अहम चुनौती न्यूजीलैंड दौरा माना जा रहा है। विदेशी परिस्थितियों में खेले जाने वाले ये दो टेस्ट टीम की दिशा तय कर सकते हैं। अगर भारत यहां अच्छा प्रदर्शन करता है तो ऑस्ट्रेलिया सीरीज से पहले उसकी स्थिति मजबूत हो जाएगी। लेकिन अगर न्यूजीलैंड में अंक गंवाए गए तो आगे का रास्ता बेहद कठिन हो सकता है और दबाव कई गुना बढ़ जाएगा।
इसे भी पढ़ें : 6 अंकों से पिछड़कर लौटे प्रज्ञानंद, फिर ऐसा पलटा खेल कि इतिहास बन गया
ऑस्ट्रेलिया सीरीज पर टिकी नजरें
न्यूजीलैंड के बाद भारत को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पांच टेस्ट मैचों की बड़ी घरेलू सीरीज खेलनी है। ऑस्ट्रेलिया WTC की मजबूत टीमों में शामिल है, इसलिए यह सीरीज दोहरे महत्व की होगी। भारत यहां सिर्फ अपने अंक नहीं बढ़ाएगा, बल्कि एक बड़े प्रतिद्वंद्वी को भी पीछे धकेल सकता है। पिछले WTC चक्रों के आंकड़े बताते हैं कि 58 से 67 प्रतिशत के बीच अंक प्रतिशत वाली टीमें भी फाइनल में पहुंची हैं। ऐसे में भारत की उम्मीदें अभी जिंदा हैं, लेकिन अब हर टेस्ट लगभग फाइनल जैसा महत्व रखता है।