भारतीय विमानन क्षेत्र में पिछले कुछ समय के दौरान सामने आई अलग-अलग घटनाओं ने यात्रियों की सुरक्षा और एयरलाइंस की तैयारियों को लेकर सवाल खड़े किए हैं। कहीं उड़ान के दौरान तकनीकी खराबी सामने आई, तो कहीं एयरपोर्ट के रनवे पर समस्या के कारण विमानों का संचालन रोकना पड़ा। कुछ मामलों में यात्रियों को असुविधा हुई, जबकि कुछ घटनाओं में विमान सुरक्षित रूप से लैंड कर गए। फुकेत-दिल्ली उड़ान में अचानक ऊंचाई बदलने और पायलट के टेस्ट से जुड़ी रिपोर्ट ने भी विमानन सुरक्षा को लेकर चर्चा तेज कर दी है।
इंडिगो की उड़ान में इंजन में आई खराबी
कोलकाता से चेन्नई जा रही इंडिगो की फ्लाइट 6E-723 में लैंडिंग से कुछ समय पहले बाएं इंजन में तकनीकी समस्या सामने आई। विमान में 224 यात्री और क्रू सदस्य सवार थे। पायलट की सूचना के बाद चेन्नई एयरपोर्ट पर देर रात पूर्ण आपात स्थिति घोषित की गई। इसके कुछ मिनट बाद विमान ने रनवे पर सुरक्षित लैंडिंग की। घटना में सभी यात्रियों और क्रू के सुरक्षित होने की जानकारी सामने आई है।
वाराणसी में रनवे की तकनीकी समस्या
वाराणसी एयरपोर्ट पर भी मंगलवार को रनवे से जुड़ी तकनीकी समस्या के कारण करीब दो घंटे तक उड़ानों का संचालन प्रभावित रहा। इस दौरान न तो विमानों को उड़ान भरने की अनुमति दी गई और न ही लैंडिंग हो सकी। एयरपोर्ट अथॉरिटी के अनुसार, तकनीकी दिक्कत का समय रहते पता लगा लिया गया और आवश्यक जांच के बाद समस्या को दूर किया गया। इसके बाद उड़ानों का संचालन सामान्य कर दिया गया।
यह भी देखेंः19 bills Passed: संसद का मानसून सत्र कल होगा खत्म, 19 बिल पास लेकिन परिसीमन और FCRA पर सस्पेंस बरकरार
स्पाइसजेट और एयर इंडिया की घटनाओं ने बढ़ाई चिंता
दिल्ली से पुणे जा रही स्पाइसजेट की उड़ान में टेकऑफ से पहले एयर कंडीशनिंग सिस्टम में खराबी की शिकायत सामने आई। इससे यात्रियों में नाराजगी देखने को मिली। दूसरी ओर, फुकेत से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की उड़ान AI 2379 में अचानक विमान की ऊंचाई में बदलाव हुआ था। विमान में 137 यात्री सवार थे और घटना में कुछ यात्रियों के घायल होने की जानकारी सामने आई। मामले की जांच एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो यानी AAIB कर रहा है। पायलट के कथित साइकोएक्टिव सब्सटेंस टेस्ट को लेकर भी रिपोर्ट सामने आई है, जिसकी जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।
नोएडा एयरपोर्ट पर बारिश के बाद पानी जमा
भारी बारिश के बाद नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टर्मिनल और पार्किंग क्षेत्र को जोड़ने वाले मार्ग पर कुछ समय के लिए पानी जमा हो गया। इससे यात्रियों की आवाजाही प्रभावित हुई। एयरपोर्ट प्रबंधन के मुताबिक, तेज बारिश के बाद स्थिति सामने आते ही टीमों ने जल निकासी का काम शुरू किया और करीब 30 मिनट में रास्ते से पानी हटा दिया गया। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं के बीच विमानन क्षेत्र में तकनीकी रखरखाव, सुरक्षा व्यवस्था और आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों को लेकर निगरानी और मजबूत करने की जरूरत पर चर्चा तेज हो गई है।