रेलवे ने यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बोर्डिंग स्टेशन बदलने के नियम में अहम बदलाव किया है। व्यस्त सीजन—नवरात्र, शादी-ब्याह और गर्मी की छुट्टियों—को देखते हुए यह फैसला लिया गया है, जिससे यात्रियों को आखिरी समय तक लचीलापन मिल सके।
क्या बदला है नया नियम
अब यात्री ट्रेन के ओरिजिनेटिंग स्टेशन से रवाना होने के सिर्फ 30 मिनट पहले तक अपना बोर्डिंग स्टेशन बदल सकते हैं। पहले यह सुविधा चार्ट बनने से पहले तक मिलती थी, लेकिन अब चूंकि चार्ट 8 घंटे पहले बनता है, इसलिए नियम में बदलाव किया गया है। नया नियम अगले महीने से लागू होगा।
कैसे मिलेगा फायदा
मान लीजिए आपने नई दिल्ली से लखनऊ का टिकट लिया है, लेकिन आप गाजियाबाद से चढ़ना चाहते हैं। अब आप ट्रेन छूटने से आधा घंटा पहले तक अपना बोर्डिंग स्टेशन बदल सकते हैं और सीधे गाजियाबाद से यात्रा शुरू कर सकते हैं। इससे समय और झंझट दोनों बचेंगे।
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क्या हैं जरूरी शर्तें
यात्री ट्रेन छूटने से 30 मिनट पहले तक बोर्डिंग स्टेशन बदल सकते हैं।
एक बार बदलाव करने के बाद मूल स्टेशन से चढ़ने का अधिकार खत्म हो जाएगा।
बोर्डिंग स्टेशन बदलने पर कोई रिफंड नहीं मिलेगा।
अगर गलत स्टेशन से चढ़ते पकड़े गए, तो जुर्माना देना पड़ सकता है।
कब नहीं मिलेगा बदलाव का विकल्प
अगर टिकट सीज या जब्त हो गया है, तो बदलाव नहीं होगा।
VIKALP स्कीम वाले टिकट में बोर्डिंग स्टेशन नहीं बदला जा सकता।
काउंटर टिकट के लिए ऑनलाइन बदलाव की सुविधा नहीं है।
क्या होता है बोर्डिंग स्टेशन
बोर्डिंग स्टेशन वह जगह होती है, जहां से आप ट्रेन में चढ़ने के लिए अधिकृत होते हैं। यदि आपने टिकट किसी एक स्टेशन से लिया है, तो बिना बदलाव किए दूसरे स्टेशन से चढ़ने की अनुमति नहीं होती।