अब तक ट्रक, बस और हवाई जहाज को किराये पर लेकर संचालन करने की व्यवस्था मौजूद थी, लेकिन मालगाड़ियों के क्षेत्र में ऐसा मॉडल नहीं था। अब भारत में पहली बार मालगाड़ी के डिब्बों की लीजिंग व्यवस्था शुरू होने जा रही है। इसका मतलब है कि कंपनियां या अन्य संस्थाएं किराये पर वैगन लेकर माल परिवहन का काम कर सकेंगी। इसे भारतीय रेल के माल ढुलाई क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
किसने शुरू की पहल
कोलकाता स्थित रेलवे वैगन निर्माता कंपनी टैक्समेको रेल एंड इंजीनियरिंग लिमिटेड ने इस दिशा में कदम बढ़ाया है। कंपनी ने फ्रांस के टुआक्स ग्रुप और उत्तरी अमेरिका की ट्रिनिटीरेल ग्लोबल के साथ साझेदारी की है। इस संयुक्त पहल के तहत एक ऐसा प्लेटफॉर्म तैयार किया जा रहा है जो मालगाड़ियों के डिब्बों को लीज पर उपलब्ध कराएगा और रेलवे माल परिवहन को नई गति देगा।
रेलवे को मिलेगा फायदा
विशेषज्ञों का मानना है कि इस व्यवस्था से रेलवे का बोझ कम होगा। अभी तक मालगाड़ी के डिब्बों की खरीद, रखरखाव और मरम्मत की जिम्मेदारी रेलवे पर होती थी। नई व्यवस्था में यह जिम्मेदारी निजी कंपनियों के पास रहेगी। इससे रेलवे अपने संसाधनों को अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में उपयोग कर सकेगा और परिचालन क्षमता भी बेहतर होगी।
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निजी निवेश को मिलेगा बढ़ावा
भारत सरकार माल परिवहन में रेलवे की हिस्सेदारी बढ़ाने पर जोर दे रही है। वर्तमान में देश के कुल माल परिवहन में रेलवे की हिस्सेदारी करीब 27 प्रतिशत है। रेल मंत्रालय इसे बढ़ाकर 45 प्रतिशत तक पहुंचाना चाहता है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए बड़ी संख्या में नए वैगन की जरूरत होगी, जिसके लिए निजी निवेश महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
उद्योग जगत की बड़ी उम्मीदें
टैक्समेको के चेयरमैन सरोज कुमार पोद्दार ने कहा है कि यह साझेदारी भारत के रेल माल परिवहन क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। उनका मानना है कि अंतरराष्ट्रीय अनुभव, आधुनिक तकनीक और भारतीय बाजार की जरूरतों को जोड़कर एक मजबूत और टिकाऊ व्यवस्था तैयार की जाएगी, जिससे माल परिवहन क्षेत्र को बड़ा लाभ मिलेगा।
बदल सकता है माल परिवहन का भविष्य
विशेषज्ञों का मानना है कि लीजिंग मॉडल लागू होने के बाद उद्योगों को अपनी जरूरत के अनुसार वैगन उपलब्ध कराना आसान होगा। इससे माल ढुलाई की क्षमता बढ़ेगी, निवेश आकर्षित होगा और रेलवे के जरिए माल परिवहन को नई मजबूती मिलेगी। आने वाले वर्षों में यह मॉडल भारतीय रेल के माल ढुलाई क्षेत्र की तस्वीर बदल सकता है।