भारतीय रुपये ने हफ्ते के तीसरे कारोबारी दिन बाजार को चौंकाते हुए मजबूत शुरुआत की। बुधवार को शुरुआती कारोबार में रुपया 26 पैसे की तेजी के साथ 89.92 प्रति डॉलर पर पहुंच गया। बीते कुछ दिनों से दबाव में चल रही घरेलू मुद्रा के लिए यह राहत भरी खबर रही। कमजोर डॉलर और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट ने रुपये को मजबूती देने का काम किया।
ओपनिंग से ही दिखा मजबूती का संकेत
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया 90.20 प्रति डॉलर पर खुला था। कारोबार बढ़ने के साथ ही इसमें लगातार सुधार देखा गया और कुछ ही देर में यह 89.92 के स्तर तक पहुंच गया। यह पिछले बंद भाव की तुलना में 26 पैसे की बढ़त को दर्शाता है। बाजार विशेषज्ञ मानते हैं कि यह तेजी अचानक नहीं बल्कि वैश्विक संकेतों का नतीजा है।
चार दिन की गिरावट के बाद राहत
इससे पहले मंगलवार को भी रुपये ने चार कारोबारी सत्रों की गिरावट पर ब्रेक लगाया था। उस दिन रुपया 12 पैसे की मजबूती के साथ 90.18 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। लगातार दो दिनों की मजबूती से यह साफ संकेत मिला कि फिलहाल घरेलू मुद्रा को कुछ राहत मिल रही है। डॉलर इंडेक्स में हल्की गिरावट ने भी इस मजबूती को सहारा दिया।
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कच्चे तेल की गिरावट से मिला सपोर्ट
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट देखने को मिली। ब्रेंट क्रूड करीब एक प्रतिशत से ज्यादा टूटकर 60 डॉलर प्रति बैरल के आसपास आ गया। भारत कच्चे तेल का बड़ा आयातक है, ऐसे में तेल सस्ता होने से रुपये पर दबाव कम होता है। यही वजह है कि रुपये को अतिरिक्त समर्थन मिला।
शेयर बाजार ने नहीं दिया साथ
हालांकि मुद्रा बाजार के उलट घरेलू शेयर बाजार में कमजोरी नजर आई। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशान में रहे। बाजार में गिरावट के बावजूद रुपये की मजबूती यह दिखाती है कि फिलहाल ग्लोबल फैक्टर्स का असर ज्यादा हावी है। विदेशी निवेशकों की बिकवाली भी शेयर बाजार पर दबाव बना रही है।
आगे क्या कहते हैं जानकार
विशेषज्ञों का मानना है कि कमजोर डॉलर और नरम अमेरिकी आर्थिक आंकड़े रुपये के लिए सकारात्मक हैं। हालांकि भू-राजनीतिक तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में अचानक उछाल और विदेशी निवेशकों की निकासी आगे चलकर दबाव बना सकती है। फिर भी माना जा रहा है कि निचले स्तरों पर रुपये को केंद्रीय बैंक के कदमों से सहारा मिल सकता है। कुल मिलाकर फिलहाल डॉलर पर दबाव और रुपये को राहत का दौर जारी है।