Indian Rupee ने 7 अप्रैल को शुरुआती कारोबार में मजबूती दिखाते हुए डॉलर के मुकाबले 6 पैसे की बढ़त के साथ 93.00 पर ओपनिंग की। पिछले सत्र में यह 93.06 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। वैश्विक तनाव और महंगाई की चिंताओं के बीच यह मजबूती बाजार के लिए राहत भरी खबर मानी जा रही है।
RBI के कदम से मिला सहारा
Reserve Bank of India ने रुपये को स्थिर रखने के लिए फॉरेक्स डेरिवेटिव्स मार्केट में सख्ती बढ़ाई है। बैंकों के लिए नेट ओपन पोजीशन (NOP) की सीमा 100 मिलियन डॉलर तय की गई है, जिससे सट्टेबाजी पर लगाम लगेगी और रुपये पर दबाव कम होगा। बैंकों को इस नियम का पालन करने के लिए 10 अप्रैल तक का समय दिया गया है।
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अब नजर मौद्रिक नीति पर
बाजार की नजर अब 8 अप्रैल को आने वाली आरबीआई की मौद्रिक नीति पर है। उम्मीद की जा रही है कि केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में बड़ा बदलाव नहीं करेगा, लेकिन लिक्विडिटी और महंगाई को लेकर कुछ अहम घोषणाएं हो सकती हैं। इससे आगे रुपये की दिशा तय होगी।
ग्लोबल फैक्टर्स अभी भी चुनौती
हालांकि रुपये की मजबूती के बावजूद वैश्विक हालात चिंता बढ़ा रहे हैं। Donald Trump के ईरान को लेकर सख्त रुख और ब्रेंट क्रूड की बढ़ती कीमतें बाजार पर दबाव बना रही हैं। तेल की कीमतों में उछाल भारत जैसे आयात-निर्भर देश के लिए जोखिम बना हुआ है, जिससे आने वाले दिनों में रुपये की चाल प्रभावित हो सकती है।