हर साल की तरह इस बार भी आम बजट को लेकर लोगों की नजरें टिकी हैं। 1 फरवरी को देश का आम बजट पेश होने वाला है। मौजूदा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के लिए यह लगातार नौवां बजट होगा। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आज़ाद भारत का पहला बजट कब आया था और अब तक सबसे ज्यादा बार बजट किस वित्त मंत्री ने पेश किया है। बजट का इतिहास कई दिलचस्प तथ्यों से भरा हुआ है।
आज़ाद भारत का पहला आम बजट
भारत में बजट की शुरुआत अंग्रेजों के दौर में हो चुकी थी, लेकिन आज़ादी के बाद पहला आम बजट 26 नवंबर 1947 को पेश किया गया था। यह बजट देश के पहले वित्त मंत्री आर के शनमुखम चेट्टी ने पेश किया था। वे पेशे से वकील और अर्थशास्त्री थे। यह बजट नए भारत की आर्थिक दिशा तय करने वाला माना जाता है।
सबसे ज्यादा बजट पेश करने का रिकॉर्ड
अब तक सबसे ज्यादा बार आम बजट पेश करने का रिकॉर्ड मोरारजी देसाई के नाम दर्ज है। उन्होंने कुल 10 बार बजट पेश किया। वे जवाहरलाल नेहरू और लाल बहादुर शास्त्री के कार्यकाल में वित्त मंत्री रहे। 1959 से 1964 के बीच उन्होंने छह और 1967 से 1969 के बीच चार बजट पेश किए।
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पी चिदंबरम और प्रणब मुखर्जी का दौर
पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने कुल 9 बार बजट पेश किया। उनका पहला बजट 1996 में आया था। वहीं प्रणब मुखर्जी ने वित्त मंत्री रहते हुए 8 बजट पेश किए। उन्होंने 1980 के दशक और बाद में यूपीए सरकार के दौरान लगातार कई बजट प्रस्तुत किए।
निर्मला सीतारमण का ऐतिहासिक सफर
वर्तमान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण साल 2019 से इस पद पर हैं। वह भारत की पहली पूर्णकालिक महिला वित्त मंत्री हैं। अब तक वह एक अंतरिम बजट समेत आठ बजट पेश कर चुकी हैं और 2026 का बजट उनका लगातार नौवां बजट होगा। एक ही प्रधानमंत्री के कार्यकाल में लगातार इतने बजट पेश करने वाली वह इकलौती वित्त मंत्री हैं।
मनमोहन सिंह का बजट काल
पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भी वित्त मंत्री रहते हुए पांच बजट पेश किए थे। उन्होंने 1991 से 1995 के बीच पी वी नरसिम्हा राव सरकार में लगातार बजट रखे। ये बजट भारत की अर्थव्यवस्था में बड़े सुधारों के लिए जाने जाते हैं। भारत का बजट इतिहास सिर्फ आंकड़ों का नहीं, बल्कि देश की आर्थिक सोच और बदलाव की कहानी भी कहता है।